केजरीवाल को देश की न्यायिक व्यवस्था पर भी भरोसा नहीं-संबित पात्रा

नई दिल्ली(चलते फिरते ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल इतना अधिक आत्ममुग्ध हो गए हैं कि वे स्वयं को कान्हा समझने लगे हैं, जबकि उनके मंत्रिमंडल के मंत्री शराब घोटाले, स्कूल निर्माण घोटाला, डीटीसी बस घोटाला आदि में संलिप्त हैं। पात्रा ने कहा कि हास्यापद है कि शराब कमीशन चोर अब अपने आपको माखन चोर से तुलना करने लगे हैं। कान्हा बने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के परिचित के घर पर छापेमारी की गयी तो रेड करने वाले अधिकारियों के साथ मारपीट की गयी और बदसलूकी की गयी। ख़बरों के अनुसार, उनके घर से लाखो रुपए और हथियार भी बरामद हुए हैं। क्या यह अमानतुल्लाह खान कान्हा हैं।पात्रा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल दुनिया के एकमात्र मुख्यमंत्री होंगे, जिनके पास एक भी विभाग नहीं है, अर्थात बिना पोर्टफोलियो के मुख्यमंत्री हैं।

केजरीवाल जी सिर्फ और सिर्फ ‘बयान बहादुर’ हैं, जिनके पास कोई काम नहीं है. कहा जाता है कि भष्टाचार की फाइल पर भी उनके दोस्त मंत्री ही हस्ताक्षर करते हैं।  आम आदमी पार्टी कट्टर बेईमान पार्टी है, जो अपने नेताओं को भ्रष्टाचार करके जेल जाने के लिए प्रोत्साहित करती है। अरविंद केजरीवाल अपने नेताओं को यही कहते हैं कि हमे कमीशन लाकर दो, भले ही तुम जेल चले जाओ। अन्ना हजारे जी ने पत्र लिखकर सही कहा था कि आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सत्ता का नशा चढ़ गया है। अरविंद केजरीवाल ने आज अपने जनप्रतिनिधियों की बैठक में झूठी बातों की पुलिंदा रखकर अन्ना हजारे द्वारा कही गयी बातों को चरितार्थ कर दिया है। अरविंद केजरीवाल को देश की न्यायिक व्यवस्था पर भी भरोसा नहीं है, ऐसा लगता है कि देश की न्यायिक व्यवस्था से बड़ा अरविंद केजरीवाल का सर्टिफिकेट हो गया है। क्या वे जिसे ईमानदार कह देंगे, तो वह ईमानदार और जिसे भ्रष्टाचारी कह देंगें, तो भ्रष्ट हो जाएगा। अरविंद केजरीवाल के अनुसार जेल जाने वाले भ्रष्टाचारी व्यक्ति को भारत रत्न दिया जाना चाहिए, जैसे जेल जाने वाले सत्येन्द्र जैन, अमानतुल्लाह खान आदि को भारत रत्न मिलना चाहिए। देश या राज्य में जब भी कोई चुनाव होता है तो अरविंद केजरीवाल की नौटंकी शुरू हो जाती है। गुजरात चुनाव के पहले भी केजरीवाल की नौटंकी शुरू हो गयी है। उन राज्यों में जाकर अरविंद केजरीवाल कहते हैं, हमारा सर्वे रिपोर्ट आ गया है जी, जिसके अनुसार आम आदमी पार्टी ही जीतने वाला है, बाकी सभी लोग डरे हुए हैं। केजरीवाल ने इस प्रकार की बातें हिमाचल प्रदेश में भी कह रहे थे किन्तु आज हिमाचल में आम आदमी पार्टी का कहां चली गयी है, यह किसी को पता नहीं। उत्तरखंड में भी केजरीवाल जी ने जीतने का दावा किया था और अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम की भी घोषणा कर दी थी, किन्तु उत्तरखंड में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने ही पार्टी छोड़ दी। आश्चर्य यह है कि अरविंद केजरीवाल ने अबतक अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन पर हमला कैसे नहीं बोला?  वे कभी भी कह सकते हैं कि अमेरिका में भी आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता बहुत ज्यादा बढ़ गयी है। इस कारण जो बाइडेन आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल जी से डरे हुए हैं, क्योंकि केजरीवाल की ‘हो-हल्ला अर्थात मोहल्ला क्लीनिक’ आदि की विश्वभर में चर्चा हो रही है। इस कारण अब डरना तो जो बाइडेन को है, बाकी सब लोग पहले से डरे हुए हैं। दिल्ली एवं पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अरविंद केजरीवाल आत्मुग्धता के शिकार हो गए हैं। वे अपने आपको कान्हा मानने लगे हैं। हिन्दुस्तान को आजाद कराने वाले महात्मा गांधी ने स्वयं को भारत का सेवक बताया और एक साधारण व्यक्ति बने रहे। भारतीय जनता की पार्टी की 18 राज्यों में सरकार है और हमलोग अपने आपको देश का सेवक मानते हैं। लोकतंत्र में भगवान कोई है तो वह जनता जनार्दन है। आम आदमी पार्टी के वार्ड पार्षद ताहिर हुसैन ने दिल्ली दंगे के दौरान अपने घर के छत पर बम, पेटोल बम, पत्थर एवं रॉड आदि रखे हुए था. दंगे का साजिशकर्त्ता भी ताहिर हुसैन ही था. क्या ऐसे लोग संविधान और लोकतंत्र बचाएंगे? क्या ये लोग भगवान हैं । अरविंद केजरीवाल खुद को और अपने पार्टी के नेताओं को कट्टर ईमानदार बताते हैं, जबकि स्वतंत्र भारत के इतिहास में,  सबसे कम समय के अंदर अगर किसी भी चुनी हुई सरकार में सबसे ज्यादा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप के कारण इस्तीफा देना पड़ा हो तो अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ही है।