नवभारत के संकल्प की सिद्धि करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर पर विशेष

   डॉ संजय मयूख

जनाकांक्षाओं को पारदर्शिता के साथ पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासनिक जीवन के 20 वर्ष से ज्यादा की अवधि पूरी कर चुके हैं। वे भारत ही नहीं वरन विश्व के विश्वसनीय और प्रभावी नेताओं में से न केवल एक हैं बल्कि देश और दुनियाभर के नेता उनका अनुसरण करने को आतुर दिखाई पड़ते हैं। अब भारत दुनिया की ओर नहीं बल्कि दुनिया भारत की ओर देख रही है। यह सब संभव हुआ है तो नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और भारतवासियों के उन पर और अधिक दृढ़ हुए विश्वास के बल पर। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का संकल्प फलीभूत हो रहा है, जो धरातल पर दिखाई दे रहा है।

गरीब भी स्वाभिमान और सम्मान से जीवनयापन कर सकता है यह प्रधानमंत्री ने संकल्पपूर्ति के माध्यम से साबित कर दिखाया है। आज गरीब के सिर पर पक्की छत हो सकती है, उसके घर में शौचालय, बिजली का कनेक्शन, उपचार के लिए आयुष्मान भारत का स्वास्थ रक्षा कवच, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, जीवन यापन के लिए पीएम स्वानिधि योजना, मुद्रा, स्टैंडअप इंडिया से आर्थिक सहायता भी मिल रही है। यह 2014 के पहले की सरकारों ने कभी सोचा नहीं था। ये रेवड़ी नहीं है बल्कि गरीब नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कल्याणकारी राज्य का कर्तव्य है। यह जनकल्याण और अंत्योदय के दीन दयाल उपाध्याय की संकल्पना को साकार करने जैसा है।

प्रधानमंत्री ने न सिर्फ संपूर्ण देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है बल्कि उन्हें देश के विकास को गति देने के काम में भी साथ जोड़ा है। उदाहरण के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत अभियान यह दो महाभियान ऐसे हैं जिन्होंने न केवल लोगों को कुरीति को खत्म करने के लिए प्रेरित किया बल्कि उनके सामाजिक व्यवहार को भी बदला है। चाहे खुले में शौच से मुक्ति की बात हो या धुएं वाले चूल्हे से आजादी की प्रधानमंत्री ने सबको साथ लेकर ही सबकुछ बदला है । देश के हर में आजादी के 70 साल बाद बिजली पहुंचाने के संकल्प की पूर्ति हो या फिर अब हर घर जल योजना यह सबके विकास के लक्ष्य के साथ ही पूरा की जा रही हैं।

कोरोना की विपदा में देश में वैक्सीन बनाने की बात हो, या फिर देशवासियों की जान बचाने के लिए चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए गए सार्थक प्रयास हों। जब पूरी दुनिया इससे उलझी हुई थी तब हमने उपचार ढूंढकर सबको एक नई दिशा देने का काम किया। हमारे चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, नर्सिंग स्टाफ ने सम्पूर्ण विश्व के लिए एक मिसाल प्रस्तुत की। हमने विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान सफलतापूर्वक चलाया साथ ही दुनिया के कई देशों की मदद भी की। जब विपदा अपने चरम पर थी तो भी भारत में कोई भूखा नहीं सोया था। इसमें सरकार के साथ ही आम लोगों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। बात रोजगार की आई तो सभी सेक्टर्स के लिए सरकार ने अपने हाथ खोले। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिला।

जिन क्षेत्रों में हम पहले दूसरों पर निर्भर थे उन क्षेत्रों में हम आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। रक्षा क्षेत्र हो, अंतरिक्ष विज्ञान का क्षेत्र हो, सूचना प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में भी हम कहीं आगे बढ़ चले हैं। वह दिन दूर नहीं जब भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन जाएगा। आज हम विश्व की नीति निर्धारक देशों की श्रेणियों में अपना मजबूत स्थान बना चुके हैं। आज हमारी सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं, भारत अब जवाब भी देता है और आंखें मिला कर बात करता है। देश में 2014 के बाद कहीं भी बड़ी आतंकी घटना नहीं हुई है। यह सब संभव हो सका है तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की स्पष्ट और पारदर्शी नीतियों के बल पर।

पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए नवभारत के संकल्प की सिद्धि करते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने अगले 25 वर्षों के बाद का भारत कैसा हो इसकी भी संकल्पना की हुई है। उन्होंने न केवल वैचारिक प्रतिष्ठान के मंतव्य को साधा है बल्कि हर एक भारतीय से खुद को जोड़ा भी है। वे न केवल वैश्विक मंचों और सांगठनिक मंचों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय की बात करते हैं बल्कि उन्होंने धरातल पर इस संकल्पना को उतारकर साबित किया है कि गरीब कल्याण को समर्पित उनकी सरकार जन आकांक्षाओं की पूर्ति करने में कहीं भी पीछे नहीं है।

(लेखक भाजपा के राष्ट्रीय मिडीया सहप्रभारी हैं)