कोटा को पर्यटन शहर बनाने के सपने को साकार करने में जिला कलेक्टर एलर्ट मोड में

किशोर सागर में फिर चलेगी बोट ,होंगी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां, चलेगी पर्यटन बस

डॉ.प्रभात कुमार सिंघल,कोटा
प्रत्येक रविवार को पर्यटन बस कोटा के दर्शनीय स्थल घुमाएगी। किशोर सागर में फिर से चलेगी रेस्टोरेंट के साथ बोट और शुरू की जायेंगी वाटर स्पोर्ट गतिविधियां। हर वर्ष चंबल टूरिस्ट फेस्टिवल का बनेगा प्लान। अक्टूबर से शुरू होगी मुकंदरा में टाइगर सफारी। चम्बल नदी में शुरू किया जायेगा क्रूज संचालन और  फरवरी माह में चम्बल बायोडायवर्सिटी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन होगा।
कोटा को पर्यटन नगर बनाने की नगरीय विकास मंत्री की पहल को इन गतिविधियों से जिला प्रशासन अंजाम देगा। पर्यटन विकास के ये महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार को जिला कलक्टर ओपी बुनकर की अध्यक्षता में पर्यटन सलाहकार समिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए। यह भी निर्णय लिया गया कि दशहरा मेला में इस वर्ष देश के सांस्कृतिक केन्द्रों से समन्वय कर कलाकारों से प्रस्तुति दिलाई जायेगी। रेल्वे स्टेशन पर नगर विकास न्यास द्वारा कोटा के प्रमुख पर्यटक स्थलों के फ्लैक्स लाईटिंग व जानकारी के साथ प्रदर्शित करने का निर्णय भी लिया गया।
 जिला कलक्टर ने कहा कि कोटा में पुरामहत्व के स्थलों एवं आधुनिक विकास कार्यों में तैयार किए गए विभिन्न स्थलों में पर्यटन विकास की विपुल सम्भावनाएं हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय से इस प्रकार कार्य करें कि पर्यटक सुविधाओं का विस्तार होने के साथ देशी-विदेशी पर्यटक यहां आए। उन्होंने निर्देश दिए कि दीपावली से पूर्व नगर विकास न्यास निविदा संबंधी सभी प्रक्रिया पूरी कर वाटर स्कूटर एवं अन्य स्पोर्ट्स गतिविधियां तथा बोट विद रेस्टोरेंट संचालन का कार्य पूरा कराएं।
जिला कलक्टर ने कहा कि कोटा में इको-टूरिज्म के क्षेत्र में चम्बल एवं सहायक नदियों तथा मुकुन्दरा अभरण्य में पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाकर उनका प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे बाहर से पर्यटक आ सकें। उन्होंने जिले के मेलों, त्यौहारों के अवसर पर देशी-विदेशी पर्यटकों को बुलाने के लिए पर्यटन विभाग को प्लान बनाने के निर्देश दिए।
 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के बाद होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को विद्युत राशि जमा करने में देय छूट का लाभ सभी पात्र लोगों को दिया जाए। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधीन ऐतिहासिक स्मारकों की रख-रखाव एवं सुरक्षा के लिए भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को गरड़िया महादेव जाने वाले पर्यटकों, चम्बल में बोट से भ्रमण करने वाले पर्यटकों को सुविधाओं का विकास करने एवं अनावश्यक चार्ज नहीं लेने का निर्देश भी दिए। अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने देशभर से आने वाले विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए पर्यटक स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रचार साहित्य तैयार करने का सुझाव दिया।
उपनिदेशक पर्यटन विकास पंड्या ने एंजेडावार पर्यटन विकास की आवश्यकताओं के बारे विस्तार से जानकारी देकर बताया कि रंगपुर स्थित चम्बल घाट को रिवर फ्रंट की तरह विकसित करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है। मुकुन्दरा में इन्टरप्रिटेशन सेन्टर खोलने के लिए भी प्रस्ताव तैयार कर भिजवाया गया है। इन्टेक के जिला समन्वय निखलेश शेट्टी ने शहर के चम्बल गार्डन के पास स्थित हाथी व घोड़े की प्राचीन प्रतिमाओं, घोड़े वाला सर्किल की प्रतिमा व माला रोड़ वाच टावर के रखरखाव व सुरक्षा के प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया।
बैठक में पर्यटन अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, सहायक उपवन संरक्षक आरएस भंडारी, उपवन संरक्षक सुरेन्द्र धाकड़, अधीक्षक गार्डन रामराज दुलारिया, अधिशाषी अभियंता यूआईटी एनके सिंघल, ज्योति वर्मा, केईडीएल के प्रतिनिधि आशुतोष सिंह, एडीईओ राजेश मीना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।