राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत शारदा अस्पताल ने किया जागरूकता शिविर का आयोजन

शिविर में सफलतापूर्वक 126 नेत्रदान प्रतिज्ञा प्राप्त की

ग्रेटर नोएडा(चलते फिरते ब्यूरो) । शारदा अस्पताल ने 25 अगस्त से 8 सितंबर, 2022 तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान एक नेत्रदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर का उद्देश्य नेत्रदान के महत्व के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना था। अस्पताल की टीम और संलग्न शारदा मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने नेत्रदान पर संदेश फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की। उपस्थित लोगों के साथ 150 परामर्श सत्रों के माध्यम से 126 नेत्रदान प्रतिज्ञाओं के साथ शिविर को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नेत्र विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. जवाहर लाल गोयल ने कहा, “भारत में 1 करोड़ 20 लाख नेत्रहीन लोग हैं जो दुनिया की सुंदरता को देखने में असमर्थ हैं। इनमें से कई नेत्र रोगग्रस्त व्यक्ति दान की गई आंखों से कोरोनियल प्रत्यारोपण के माध्यम से अपनी दृष्टि पुनः प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए भारत में लगभग दो लाख नेत्रदान की वार्षिक आवश्यकता है, लेकिन अज्ञानता और अंतर्निहित अंधविश्वासों के कारण, लोग अपनी  नेत्रदान से हिचकिचाते हैं और फलस्वरूप केवल 50,000 आंखें ही उपलब्ध हो पाती हैं।

शिविर के आयोजन के उद्देश्य के बारे में शारदा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश के. गडपयले ने कहा, “नेत्रदान शिविर का उद्देश्य व्यापक जन जागरूकता पैदा करना है जिससे लोगों को नेत्रदान के महत्व को समझाया जा सके।  एक मृत व्यक्ति द्वारा दान की गई आंखें किसी ऐसे व्यक्ति को दृष्टि दे सकती हैं जो अपने आसपास की दुनिया की सुंदरता को देखने में असमर्थ। कई देशों में, लोग स्वेच्छा से इस विश्वास के साथ नेत्रदान की प्रतिज्ञा करते हैं कि यह उन्हें अच्छे कर्मफल देता है। हमें खुशी है कि हम इस शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक सफलतापूर्वक पहुंचने में सफल रहे हैं और जिन्होंने नेत्रदान के महत्व को समझा और नेत्रदान करने का संकल्प लिया।