नेहरू युवा केंद्र ने जागरूकता को बनाया सुरक्षा कवच

बाल मुकुन्द ओझा

नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा राजस्थान के सभी जिलों में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों और युवा मंडलों के माध्यम से कोविड-19 से बचाव के लिए सघन जागरूकता अभियान संचालित किया गया जो अभी भी अनवरत जारी है। युवा कार्यक्रम सचिव उषा शर्मा और नेहरू युवा केंद्र के महानिदेशक असित सिंह ने देश भर के नेहरू युवा केंद्रों को निर्देश दिए की हमें हर हालत में जनसाधारण को कोरोना महामारी से न केवल बचाना है अपितु हर संभव सहायता उपलब्ध करानी है। भारत के समस्त राज्यों के 623 जिलों के नेहरू युवा केंन्द्र कोविड 19 में अपनी महत्वपूर्ण और असरकारी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। नेहरू युवा केंद्र राज्य निदेशकों की अगुवाई में जनजागरण,राहत और मदद के कार्य गांव गांव तक पहुंचाएं गए हैं। राजस्थान में भी नेहरू युवा केंद्र संगठन के राज्य निदेशक डॉ भुवनेश जैन के कुशल निर्देशन में जिला युवा समन्वयक,राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक,युवा मण्डल के पदाधिकारी कोविड यूथ वारियर्स के रूप में सेवाएं देकर राज्य में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे है, जिसकी तारीफ राज्य के मुख्यमंत्री ने भी की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी नेहरू युवा केंद्र के कोरोना महामारी के दौरान किये गए सेवाभावी कार्यों से काफी प्रभावित हुए।
नेहरू युवा केंद्र संगठन के राज्य निदेशक डॉ भुवनेश जैन ने बताया कि इस वर्ष फरवरी में कोरोना संक्रमणकी जानकारी मिलने के तुरंत बाद राज्य के नेहरू युवा केंद्रों ने जिला और स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर युवाओं को कोरोना एवं उससे बचाव के कार्य में लगा दिया। नेहरू युवा केन्द्र संगठन राजस्थान ने अपने नियमित एक लाख वालियन्टर्स के अतिरिक्त पूरे राज्य में करोना काल में तीन लाख पचास हजार से अधिक युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा ताकि इन के माध्यम से इस आपदा की घड़ी में विभिन्न प्रकार के सेवा कार्य करवाये जा सके। इस दौरान 32 जिला कार्यालयों के पर्यवेक्षण में दस हजार युवा मंडलों, 569 राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों और एक लाख सात हजार युवा मंडलों के वॉलिन्टियर कोरोना जंग में लोगों को बचाने कूद पड़े।
राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों द्वारा प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सहयोगात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं जिसके अंतर्गत कोविड-19 से बचाव के लिए सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम करना, जनता कर्फ्यू में सहयोग , कोरोना योद्धाओं का सम्मान, नारों के माध्यम से दीवार लेखन तथा पोस्टर निर्माण कर लोगों को जागरूक करना, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाजसेवियों तथा युवा मंडल व महिला मंडल के सदस्यों के सहयोग से मास्क तथा सैनिटाइजर या साबुन का वितरण, आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराना, दीक्षा एप डाउनलोड कराना तथा मंत्रालय के प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कराना आदि सराहनीय कार्य किए गए हैं।
रक्तदान
करोना जैसी महामारी के दौरान रक्त की कमी न आ पाये इसी उदेश्य से नेहरू युवा केन्द संगठन राजस्थान के युवाओं ने अपने अपने स्तर पर युवा मंडलों के माध्यम से अभियान चलाकर रक्तदान जैसे कार्य को अपने हाथ में लिया तथा 422 यूनिट से अधिक रक्तदान इस वैश्विक महामारी के दौरान किया।
स्वयंसेवक
नेहरू युवा केन्द्र अपने सभी कार्य अपने युवा मंडलों से जुड़े युवाओं के माध्यम से अर्थात उनके सहयोग से ही कर पाता है क्योकि ये ही युवा स्वैच्छिक रूप से अपनी सेवा भावना से कार्य करते है जो किसी भी प्रकार से वेतनिक नहीं होते हुए भी पूर्ण रूप से सेवा भावना से कार्य करते है। स्वंय सेवको के आधार बढाने में जहा राज्य के सभी केन्द्रो ने उत्साह के साथ कार्य किया वही नेहरू युवा केन्द्र सीकर,बीकानेर,भरतपुर ने लक्ष्य से बढकर सफलता हासिल की। नेहरू युवा केन्द्र संगठन राजस्थान यूनीसेफ व यूनपी के माध्यम से अधिकारियो,कर्मचारियो के साथ साथ वालिन्टयर्स की कार्य क्षमता बढाने हेतु समय समय पर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। इस हेतु राज्य स्तरीय 24 प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 2595 वालिन्टयर्स को तथा जिला स्तरीय 158 प्रशिक्षण कार्यक्रमो के द्वारा 4254 वालिन्टयर्स को प्रशिक्षत किया गया। अलवर द्वारा सर्वाधिक 18 जूम मीटिंग्स आयोजित कर 1018 वालिन्टयर्स को प्रशिक्षत किया गया।
राशन वितरण
नेहरू युवा केन्द्र से जुड़े युवाओं ने करोना काल में लाक डाउन के दौरान जरूरतमद लोगों को राशन सामग्री चाहे वह पके भोजन के पैकट के रूप में हो या कच्चा राशन, पानी की व्यवस्था, आदि भामाशाहो को प्रेरित कर उन तक पहुचाने का कार्य बड़ी बखूबी से किया। इसमें राजस्थान के 627 युवा मंडलो ने 2 लाख 20 हजार से अधिक भोजन पैकट व राशन सामग्री वितरित की जो अपने आप में एक मिसाल है ।
स्थानीय प्रशासन का सहयोग
बाहर से आने वाले लोगो की निगरानी के कार्य में जहा स्थानीय प्रशासन को सहयोग दिया वही स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस मित्र,चेक पोस्ट पर नाकाबन्दी में सहयोग,बैक में लगी कतारों के दौरान सहयोग आदि में कार्य किया। इस कार्य में 1250 से अधिक स्वंय सेवको ने अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई ।
गांवो में सेनेटाईज
कोरोना भागने के लिए जरूरी होता है कि पूरा गांव सेनटाईज हो जाये ताकि यह बीमारी आगे से आगे न बढ़े। इस महत्वपूर्ण कार्य को करने में भी नेहरू युवा किसी भी प्रकार से पीछे नहीं रहे उन्होने दिन-रात एक कर के बड़ी शिद्वत के साथ इस कार्य को किया जिसमें 350 से अधिक युवा मंडलो ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
बुजुर्गो, गर्भवती माताओं और बच्चों की देखभाल
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह करोना वायरस वृद्वों,गर्भवती माताओं और बच्चों को जल्दी संक्रमित कर सकता है। इसलिये सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि इन लोगों की देखभाल की जाये यह जिम्मा भी स्वंय सेवको ने लिया तथा अपने आस-पास के 90 हजार से अधिक लोगो की देखभाल के साथ साथ बचाव के तरीके भी बताये।

जागरूकता
नेहरू युवा केन्द्र के युवाओं ने सम्पूर्ण राज्य मे कोरोना जागरूकता हेतु कार्य करते हुए लोगो को हाथ धुलाई,मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टेशिंग,अनावश्यक यात्रा से बचना,अपनी शारीरिक व मानसिक क्षमता को कैसे बढाये लोगों के साथ समझाईश की वही गांवो में दीवारों पर जागरूकता के नारे,रंगोली,आदि के माध्यम से भी जागरूक किया। 2500 से अधिक युवा मंडलो ने 3 लाख से अधिक मास्क तैयार कर ग्रामीणों में वितरित किये। कोरोना का मुकाबला करने के लिए अलग अलग स्तर पर 4500 से अधिक व्हाटस-अप ग्रुप बनाये गए। राज्य में 11000 हजार से अधिक नारा लेखन व रंगोली बनाकर जन जागरण का कार्य किया गया। राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे करोना जागरूकता अभियान में प्रत्येक नेहरू युवा केन्द्र जिला प्रशासन के साथ जुड़कर राज्य सरकार के इस कार्यक्रम को जमीनी तौर पर सफल बनाने में जुटा हुआ है। नेहरू युवा केन्द्र राजस्थान द्वारा 2 लाख से अधिक युवाओ में प्रचार प्रसार करके 80 हजार से अधिक युवाओ का पंजीयन कराकर 50 हजार युवाओ ने प्रशिक्षण में भाग लेकर स्वयं का बचाव किया और ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवाएं भी दी।

 

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