देश की अर्थव्यवस्था बुलेट ट्रेन की रफ़्तार से आगे बढ़ रही है-भाजपा

नई दिल्ली (चलते फिरते ब्यूरो) ।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए कल जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्षी पार्टियों पर सीधा निशाना साधते हुए भाजपा के राष्ट्रिय प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कहा कि जो लोग आये दिन अर्थव्यवस्था को लेकर भ्रम फ़ैलाने की कोशिश करते रहते हैं उन्हें जान लेना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर ही नहीं, बल्कि पटरी पर बुलेट ट्रेन की रफ़्तार से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 13.5 प्रतिशत रही। यह पिछली चार तिमाहियों में सबसे अधिक है। यह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जो भी नीतियाँ कार्यान्वित हो रही हैं, उसी का नतीजा यह आंकड़ा दर्शाता है. इस वृद्धि के साथ भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। चीन की वृद्धि दर 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में 0.4 प्रतिशत रही है।विश्व के परिप्रेक्ष्य में देखें तो 2008के वैश्विक आर्थिक संकट के दौर के बाद 2012-13 विश्व के 5 नाजुक अर्थव्यवस्था वाले देशों में भारत भी शामिल था. उस समय देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था की मुख्य वजह थी तत्कालीन यूपीए सरकार में देश की आर्थिक स्थिति एक तरह से पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार हो गई थी. वर्तमान में भी कोरोना महामारी और युक्रेन संकट के कारण जहाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रहा है, वहीँ भारत इन संकटों के बावजूद विश्व में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है. यह सिर्फ और सिर्फ माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में लिए गए ठोस आर्थिक फैसलों के कारण ही संभव हो सका है.

कोरोना काल के बाद यह ऐसी पहली तिमाही है, जब कहा जा सकता है कि कोरोना का वैसा प्रभाव अब नहीं रहा, लेकिन इसके बावजूद, वैश्विक स्तर पर कई अन्य चुनौतियाँ मौजूद हैं। मसलन, युक्रेन संकट के कारण सप्लाई व्यवस्था बाधित है. चीन की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है, कई फैक्ट्रीज वहां बंद पड़े हैं, जिसकी वजह से चीन की वृद्धि दर 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में महज 0.4 प्रतिशत ही रही। विकसित अर्थव्यवस्था वाले पश्चिमी देशों की स्थिति भी बेहद ख़राब है. ऐसी स्थिति में, यदि भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है तो इसकी प्रमुख वजह है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मजबूत नेतृत्व वाली सरकार, जिन्होंने कोरोना काल में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया था।

देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस और कड़े फैसले के साथ साथ वित्तीय सहायता भी मुहैया करानी होती है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने कोरोना काल में ठोस आर्थिक फैसलों के साथ साथ, देश की गरीब जनता का जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए कई वित्तीय पैकेज की घोषणा की थी, यही वजह है कि आज देश की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है।वर्तमान वैश्विक अर्थव्यवस्था से कोई देश अलग-थलग नहीं रह सकता. इस समय पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था करीब 100 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, जो अगले वित्तीय वर्ष में 101 ट्रिलियन डॉलर हो जाने का अनुमान. क्या विपक्ष को यह मालूम है कि आने वाले समय में विश्व के जीडीपी ग्रोथ में भारत का क्या योगदान होगा? यदि अनुमानित जीडीपी ग्रोथ 7.25 प्रतिशत को ही आधार मानें, तो इसके अनुसार, विश्व की जीडीपी में भारत 300 बिलियन अर्थात 25-30 प्रतिशत यानि एक-चौथाई का योगदान देने वाला होगा जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि होगी। विकसित देश यह सोचने के लिए विवश है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद आखिर भारत इतनी तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था वाला देश कैसे बन रहा है?

विपक्ष द्वारा बेरोजगारी का रोना आये दिन रोया जाता है, जबकि हकीकत है कि रोजगार दर में लगातार वृद्धि हो रही है और पड़ोसी देशों के साथ साथ विकसित देशों की तुलना में देश में महंगाई लगातार कम हो रही है। यही वजह है कि घरेलू डिमांड्स में तेजी से वृद्धि हुई है. यदि आकंड़ों की बात करें तो प्राइवेट कंसम्पशन एक्सपेंडीचर में करीब 26 % की वृद्धि हुई है।एक आम आदमी को रोजगार मिल रहा है, वे अच्छी स्थिति में खुद को महसूस कर रहे हैं, जिसकी वजह से वे एक्सपेंडीचर कर पा रहे हैं।विपक्षी पार्टियों को ग्रॉस कैपिटल फार्मेशन के आंकड़े भी देखने चाहिए, जो 20% से ऊपर है, जो दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था में निजी निवेश बढ़ा है और केंद्र सरकार के कुशल नेतृत्व के प्रति निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। निस्संदेह, देश की अर्थव्यवस्था सबसे तीव्र गति से आगे बढ़ रही है तो इसके पीछे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विजन और उनके कुशल नेतृत्व में लिए गए ठोस आर्थिक फैसलों के कारण ही संभव हो सका है।