कांग्रेस ने मानी चीन और पीएम राहत कोष से चंदा लेने की बात

नड्डा को अर्धसत्य बोलने में माहिर बताकर चिदंबरम ने बताया पूरा सच

संजीव कुमार

कांग्रेस अध्यक्षा  सोनिया गांधी की देख-रेख में संचालित होनेवाले राजीव गांधी फाउंडेशन को कांग्रेसनीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष सहित विभिन्न सरकारी विभागों व प्रतिष्ठान्नों से लेकर विदेशों तक से मिले चंदे का मसला पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। हालांकि भाजपा व उसके सहयोगी दलों की ओर से इस मामले को तूल देने के लिए चुने गए समय पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस का कहना है कि चीन की ओर से भारत में हुई घुसपैठ और कोरोना के खिलाफ जारी जंग में हासिल हो रही विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भाजपा की ओर से इस बेमानी मसले को तूल दिया जा रहा है। दूसरी ओर बीते कई दिनों से इस मामले को उछालने की जी-तोड़ कोशिशें कर रही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज खुद सामने आकर राजीव गांधी फाउंडेशन को मिले चंदे के मसले को हथियार बनाकर कांग्रेस अध्यक्षा पर जोरदार तीखा व सीधा हमला करने की पहल की। लेकिन कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन प्रयासों पर पानी फेरने के लिये पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के सबसे रसूखदार केबिनेट मंत्री के तौर पर पहचाने जानेवाले पी. चिदंबरम ने मोर्चा खोला और इस क्रम में उन्होंने स्वीकार किया कि राजीव गांधी फाउंडेशन को प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष और चीन से चंदा अवश्य मिला था लेकिन फाउंडेशन ने पूरी रकम अनुदान की शर्तों के मुताबिक ही खर्च की और ना सिर्फ इसका बकायदा पूरा आॅडिट हुआ था बल्कि रिटर्न दाखिल करने के क्रम में भी इसकी पूरी जानकारी दी गई थी। साथ ही चिदंबरम ने सरकार की नाकामियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए बेमानी मुद्दे को तूल दिये जाने का आरोप लगाते हुए यहां तक कहा है कि ऐसी कोशिशें करनेवालों को यह बताना चाहिये कि चीन से मिला चंदा अगर फाउंडेशन द्वारा वापस लौटा भी दिया जाए तो क्या लद्दाख में चीनी अतिक्रमण समाप्त हो जाएगा और वहां पूर्व स्थिति बहाल हो जाएगी?

चिदंबरम ने कहा है कि भाजपा की ओर से राजीव गांधी फाउंडेशन को मिले चंदे के मामले को तूल देने के अर्धसत्य का सहारा लिया जा रहा है और पूरी बात नहीं बताई जा रही है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडिल से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा अध्यक्ष नड्डा को अर्धसत्य बोलने में माहिर देते हुए कहा है कि उन्हें अर्धसत्य वाले अतीत में रहने के बजाय वास्तविकता के धरातल पर आकर यह बताना चाहिये कि फाउंडेशन को 15 साल पहले मिले अनुदान का मोदी सरकार के तहत 2020 में चीन के भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने से क्या लेना देना है? चिदंबरम की मानें तो फाउंडेशन को मिले एक-एक पैसा का पूरा हिसाब रिर्टन दाखिल करने के क्रम में हमेशा दिया जाता रहा है और जहां तक प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से फाउंडेशन को मिले अनुदान पर उठाए जा रहे सवाल का मसला है तो इसमें भी भाजपा यह सच छिपा रही है कि 2005 में पीएम राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से फाउंडेशन को जो 20 लाख रुपये का अनुदान मिला था वह अंडमान और निकोबार में सुनामी राहत कार्य के लिए था और उसी काम में पूरी रकम खर्च भी की गई जिसका पूरा हिसाब दिया जा चुका है। और यह कि प्रत्येक रुपया किस उद्देश्य के लिए खर्च किया गया था? चिदंबरम ने अपनी प्रतिक्रिया में कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया विभाग के मुखिया रणदीप सिंह सुरजेवाला के उस बयान से भी सहमति जताई है जिसमें उन्होंने भाजपा पर चीनी घुसपैठ से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिव्यांगों के कल्याण एवं भारत-चीन संबंधों पर शोध के लिए ही फाउंडेशन को चीन से अनुदान मिला था और रिटर्न फाइल करने के दौरान इसका उल्लेख भी किया गया था। दूसरी ओर भाजपा ने फाउंडेशन को मिले चंदे के मसले को पुरजोर तरीके से तूल देने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आज पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्षा पर ‘क्विट प्रो को’ का इल्जाम लगाते हुए सवालों की लंबी फेहरिश्त सामने रखी है जिसमें ना सिर्फ 2005 से 2009 तक हर साल फाउंडेशन को चीन से मिले चंदे के बारे में पूछा गया है बल्कि 2006 से 2009 तक हर साल लक्जमबर्ग के टैक्स हैवन्स से दान मिलने की बात भी उठाई गई है और सरकारी विभागों व संस्थानों से लेकर निजी क्षेत्र तक पर दबाव बनाकर चंदा उगाही करने का आरोप भी लगाया गया है। नड्डा के मुताबिक देश के लोग जानना चाहते हैं कि फाउंडेशन ने सीएजी आॅडिटिंग के लिए इनकार क्यों किया और मेहुल चोकसी से फाउंडेशन का क्या संबंध है कि उससे दान भी लिया और उसे ऋण भी दिया?

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