प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर वैश्विक मुहर

       बाल मुकुन्द ओझा

भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दबदबे और लोकप्रियता पर वैश्विक मुहर फिर लग गई है। रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान देश और दुनिया में जहां तमाम नेताओं की साख घटी है वहां भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की साख लगातार बढ़ी है। मोदी एक मजबूत वैश्विक नेता के रूप में उभरे हैं।

यह सर्वे मॉर्निंग कंसल्ट नाम की एक कंपनी ने की है जो सर्वे और डेटा के कारोबार से जुड़ी है। यह कंपनी नेताओं की रेटिंग पर संबंधित देशों में ऑनलाइन सर्वे कराती है और औसत के आधार पर हर सप्ताह डेटा अपडेट करती है। यह रेटिंग 17 से 23 अगस्त के बीच हुई वोटिंग के आधार पर दी गई है। सर्वे ऑनलाइन होता है और इसमें केवल वयस्क लोग ही भाग लेते हैं। भाग लेने वालों की संख्या अलग-अलग देशों में अलग-अलग होती है। अमेरिका में औसत सैंपल साइल करीब 45 हजार लोगों का है, जबकि बाकी देशों में यह 500 से 5000 के बीच होता है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, अमेरिका सहित 22 देशों में सत्ता चला रहे नेताओं की अप्रूवल रेटिंग पर नजर रख रहा है।

इस सूची में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे ऊपर हैं। उन्हें भारत के 75 प्रतिशत लोगों ने पॉजिटिव रेटिंग दी है। मोदी की रेटिंग एक साल से लगभग स्थिर ही है। 23 अगस्त 2021 के आंकड़े के मुताबिक, उनकी अप्रूवल रेटिंग 72 प्रतिशत थी। पूरे साल में उनकी रेटिंग हर सप्ताह 70 से 80 प्रतिशत के बीच ही रही है। अप्रैल 2020 में यह आंकड़ा 82 प्रतिशत था। यह सर्वे मॉर्निंग कंसल्ट नाम की एक कंपनी ने की है जो सर्वे और डेटा के कारोबार से जुड़ी है। यह कंपनी नेताओं की रेटिंग पर संबंधित देशों में ऑनलाइन सर्वे कराती है और औसत के आधार पर हर सप्ताह डेटा अपडेट करती है। यह रेटिंग 17 से 23 अगस्त के बीच हुई वोटिंग के आधार पर दी गई है। सर्वे ऑनलाइन होता है और इसमें केवल वयस्क लोग ही भाग लेते हैं। भाग लेने वालों की संख्या अलग-अलग देशों में अलग-अलग होती है। अमेरिका में औसत सैंपल साइल करीब 45 हजार लोगों का है, जबकि बाकी देशों में यह 500 से 5000 के बीच होता है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, जर्मनी, मैक्सिको, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, अमेरिका सहित 22 देशों में सत्ता चला रहे नेताओं की अप्रूवल रेटिंग पर नजर रख रहा है।
नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आयी है। इससे पूर्व भी अनेक वैश्विक संस्थाओं ने भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को देश और दुनिया का शानदार नेता और काबिल प्रधानमंत्री घोषित कर उनके कार्यों की भूरी भूरी सराहना की। अनेक परीक्षाओं के निर्विवाद रूप से पास करने के बाद मोदी की स्वीकार्यता न केवल देश अपितु दुनिया में बढ़ी है।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 22 साल का बेमिसाल सफर पूरा करने वाली यह शख्सियत नरेन्द्र दामोदर दास मोदी आज ग्लोबल लीडर के रूप में अपनी पहचान कायम करने में सफल हुए है। मोदी में गजब का आत्मविश्वास है। प्रखर और कुशल वक्ता के रूप में उनकी राष्ट्रीय पहचान है। लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में उन्होंने अपने नेता अटल बिहारी को भी पीछे छोड़ दिया है। भाजपा के लगभग सभी नेताओं ने उनके करिश्माई नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है जिनमें वरिष्ठ नेता भी शामिल है।
गौरतलब भारत में पक्ष और विपक्ष का विवाद इतना गहरा हो गया है जितना संभवत भारत चीन या भारत पाक के बीच भी नहीं है। सत्ताच्युत कांग्रेस किसी भी हालत में मोदी को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। हाल ही संपन्न विधान सभा चुनावों में कांग्रेस सहित समाजवादी पार्टी ने मोदी पर व्यक्तिगत हमले किये मगर जनता ने उन्हें नकार दिया। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी सपा के सुर में सुर मिलाये थे जिसे लोगों ने स्वीकार नहीं किया। भाजपा के सत्तारूढ़ होने के बाद और अनेक सर्वेक्षणों में लोगों ने मोदी की बादशाहत स्वीकार की मगर कांग्रेस है की इसे मानने को कतई तैयार नहीं है। यह उनकी हठधर्मिता है या हार की बोखलाहट जो आज तक पचा नहीं पाए है।
ऐसा भी नहीं है मोदी ने अपनी जीवन यात्रा में केवल सफलता के सोपान ही तय किये है। कुछ राजनीतिक टीकाकारों का कहना है आर्थिक मोर्चे सहित नोटबंदी, बेरोजगारी, कालेधन की वापसी, बढ़ती महंगाई और किसान आंदोलन जैसे मुद्दे मोदी की लोकप्रियता में पैबंद का काम करते है।

(लेखक वरिष्ठ स्तम्भकार हैं)