दिल ने पुकारा

ऐ मालिक तेरे बनाये इस दिल ने तुम्हें पुकारा।
तुम कहां किस डगर पे मिलोगे तुम्हें पुकारा।

कोई तो रस्ता है तुम तक पहुंचने का तुम्हें पुकारा।
तुम क्यों खामोश मूरत बने कुछ कहो तुम्हें पुकारा।

तेरी दुनियां में गम के सिवा कुछ न मिला तेरे दर तुम्हें पुकारा।
जुर्म सारे कबूल करता हूं जो मैंने किये अब तुम्हें पुकारा।

जाने इस वक्त की रफ्तार में तुम्हें और तेरी दुआ में पुकारा।
गुम हो गया शोहरत पाने के जुनून में तुम्हें पुकारा।

अब तुम्हें कहता हूं ख्वाब में भी कभी ना भूलूंगा तुम्हें पुकारा।
तुम से इस बंदे का है जिदंगी तेरी सौपनेतुम्हें पुकारा।

भारती तुमने आज सही राह चुनी वो रहम दिल तेरी तुम्हें पुकारा ।
तुम से तेरे दिल की इबादत भरी दुआ पुरी करेगा तुम्हें पुकारा।

मंगल व्यास भारती
चूरू राज

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