केजरीवाल को अब तो मनीष सिसोदिया और सत्येन्द्र जैन का इस्तीफा ले लेना चाहिए-आदेश गुप्ता

केजरीवाल सरकार से नैतिकता की उम्मीद रखना ही गलत है-डॉ. हर्षवर्धन

नई दिल्ली(चलते फिरते ब्यूरो) । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  आदेश गुप्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने केजरीवाल सरकार को लूटेरी सरकार बताते हुए कहा कि आबकारी नीति के माध्यम से इस सरकार ने करोड़ों रुपये का जो घोटाले किए हैं उसका परिणाम यही होना था। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे अनाप-शनाप खर्च कर प्रचार के दम पर झूठ को परोसने का जो खेल आप सरकार चला रही थी। लेकिन केजरीवाल को अब नैतिकता के आधार पर मनीष सिसोदिया और सत्येन्द्र जैन का इस्तीफा ले लेना चाहिए।
उन्होंने आज यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के यहां आबकारी नीति की जांच के सिलसिले में पड़े छापेमारी पर कहा कि भाजपा गत वर्ष इस नीति को लाए जाने के समय से विरोध कर रही थी। इस आबकारी नीति के माध्यम से दिल्ली को शराब में डूबों कर शराब माफिया के साथ मिलकर करोड़ों का भ्रष्टाचार करने वालों की जांच तो होनी ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि नई आबकारी नीति लाते समय मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि इससे दिल्ली सरकार का राजस्व बढ़ेगा लेकिन सी.बी.आई. को नीति की जांच सौंपने के साथ ही वे इस नीति को घाटे वाली बताने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कोविड के दौरान तैयार की गई थी और इसके लिए शराब माफियाओं के साथ सौदाबाजी हुई थी जिसके तहत माफिया ने पंजाब के चुनावों में आम आदमी पार्टी को फायदा पहुंचाया। भाजपा इस नीति का पहले दिन से विरोध कर रही थी और उसने दिल्ली में लंबे समय तक इस नीति के खिलाफ संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि अपने को पाक साफ और ईमानदार बताने वाली आम आदमी पार्टी के दो स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली के सत्येन्द्र जैन और पंजाब के विजय सिंगला भ्रष्टाचार के मामले में जेल में है और शराब नीति के माध्यम से करोड़ों का भ्रष्टाचार करने वाले मनीष सिसोदिया जेल जाने की तैयारी में है। इससे साफ है कि ईमानदारी का ढोल पीट कर करोड़ों के घोटाले करना ही इनका एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नई आबकारी नीति का विरोध करने पर जिस तरह से केजरीवाल ने अपने बाउंसरों से महिलाओं को पीटवाने का काम किया है, आज उन सभी महिलाओं की जीत हुई है जिन्होंने नई आबकारी नीति का विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की भ्रष्ट केजरीवाल सरकार के मंत्री कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकते। अभी एक मंत्री जेल में है और दूसरा भी बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि सी.बी.आई. का छापा आबकारी नीति की जांच के लिए है और आप सरकार और उसके कोई भी नेता इस पर बात न कर शिक्षा और स्वास्थ्य की बात कर रहे हैं जबकि सच्चाई ये है कि ये दोनों मामले भी घोटालों से भरे हैं और समय के साथ इन विभागों में हुए घोटाले भी जनता के सामने उजागर हो जाएंगे।

डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने जिस बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है, उससे देशवासियों की आंखे खुल चुकी है। अपनी नीतियों को देशव्यापी प्रचार करने और लोगों को भ्रमित कर झूठे प्रचार के दम पर जिस तरह का माहौल केजरीवाल सरकार ने बनाया है, उसका सच अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार से नैतिकता की उम्मीद रखना ही गलत है। इस भ्रष्ट बेईमान और झूठी सरकार को शासन में रहने का कोई अधिकार नहीं। अगर आप नेताओं में कोई नैतिकता बची हो तो उन्हें स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए।उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारी अगर अपना काम कर रहे हैं तो व्यवस्था भी अपना काम कर रही है और सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा। आज हुए प्रेसवार्ता में प्रदेश भाजपा मीडिया रिलेशन विभाग के प्रभारी हरीश खुराना और प्रदेश मीडिया सह-प्रमुख  हरिहर रघुवंशी उपस्थित थे।