मुश्किल आई तो यूपी के 2.67 लाख लोगों ने निकाल लिए पीएफ के 233 करोड़ रुपये

कोरोना काल में नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ खाते में जमा धन सहारा बना। लॉक डाउन से 25 जून तक सूबे में 2.67 लाख पीएफ अंशधारकों ने अपने जीवनयापन के लिए लगभग 233 करोड़ की धनराशि खाते से निकाल ली। ईपीएफओ के इतिहास में पहली बार तीन महीने में लाखों की संख्या में क्लेम का निस्तारण किया गया। खास बात यह भी रही कि 60 हजार से ज्यादा पुराने पीएफ खातों से भी धन निकासी की गई।
लॉकडाउन-2 से अनलॉक -1 के बीच पीएफ खातेधारकों ने पीएफ खाते से सबसे ज्यादा निकासी की। अभी भी पीएफ अंशधारक खाते से धन निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम फार्म भर रहे हैं। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय में भी पीएफ अंशधारकों की लाइनें लग रही हैं। लॉक डाउन के दौरान ही ईपीएफओ ने अंशधारकों को राहत देने के लिए पीएफ खाते से धननिकासी का मौका दिया, जिसका अंशधारकों ने फायदा उठाया लेकिन हजारों अंशधारकों ने कोविड काल से अलग कारण बताकर भी खाते से धन निकाला है। वीवीबी सिंह,क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ ने बताया कि कोरोना काल में लगातार पीएफ सदस्य धन निकाल रहे हैं। रिकार्ड क्लेम फार्मों का निस्तारण किया गया। लॉक डाउन समय में भी स्टॉफ को बुलाकर क्लेम का निस्तारण किया जाता रहा ताकि लोग अपनी घर की जरूरतों को पूरा कर सकें। कानपुर रीजन में 22 करोड़ से ज्यादा का भुगतान सदस्यों को सीधे बैंक खाते में किया गया। सूबे में तो ढाई लाख से ज्यादा क्लेम का सेटलमेन्ट किया गया।
कितना धन निकाला गया एक नजर में-
– कानपुर रीजन में 25 हजार पीएफ अंशधारकों ने 22.43 करोड़ की धन निकासी की
– यूपी में 2.67 लाख ने 233 करोड़ जबकि देश में 32 लाख पीएफ सदस्यों ने 11600 करोड़ की धनराशि निकाली
– यूपी में 9 लाख सक्रिय पीएफ खाताधारक

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