दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों ने भी अपनाया केजरीवाल सरकार का बिज़नेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम-मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली(चलते फिरते ब्यूरो) ।केजरीवाल सरकार के बिज़नेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम ने अपने पहले साल में शानदार सफलता हासिल की है। पहले साल की सफलता के बाद नए कलेवर के साथ यह कार्यक्रम दूसरे साल में दिल्ली सरकार के स्कूलों के साथ ही दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में भी शुरू हुआ है।आज उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सर्वोदय विद्यालय इंदरपूरी व स्प्रिंगडेल्स स्कूल, धौलाकुआँ में 11वीं-12वीं के बच्चों के साथ चर्चा कर उनके अनूठे बिज़नेस आइडियाज को जाना और  स्प्रिंगडेल्स स्कूल द्वारा आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शमिल हुए।
स्कूल विजिट के दौरान छात्रों ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने अपने अनोखे बिज़नेस आइडियाज रखे। बच्चों ने ऑटो के लिए कम लागत वाला एयर कूलर, कपड़े और पराली से बने इंसुलेटिंग बैग, स्ट्रेस कम करने वाला पेन, कैलोरी मापने वाले चम्मच, सोलर स्मार्ट स्कूल बैग, पर्यावरण के अनुकूल ऑर्गेनिक पेंट समेत अन्य आइडिया से अवगत करवाया। इस मौके पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि जो रिसर्च विदेशों में आज से 200-250 साल पहले हुई वो रिसर्च भारत में 2.5 हजार साल पहले हो चुकी थी, लेकिन हमसे गलती हुई और हमने इस रिसर्च को आगे नहीं बढ़ाया| हम जो चीजें 2.5 हजार साल पहले सोच रहे, वो दुनिया भर के देशों ने केवल 250 साल पहले सोचना शुरू किया, फिर भी हम दुनिया का नंबर वन देश नहीं बन पाए।  उन्होंने कहा कि हमें भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाना है। भारत दुनिया का नंबर वन देश विज्ञापनों व नेताओं के भाषणों से नहीं बनेगा, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने से बनेगा।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय घरों में यह चर्चा आम है और सपना देखा जाता है कि यदि उनका बच्चा अच्छे ग्रेड्स ले आए, पढ़ाई में थोड़ा अच्छा कर जाए तो उसे उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफ़ोर्ड, कैंब्रिज, अमेरिका या जापान की किसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सबके उलट जिस दिन अमेरिका या यूरोप के घरों में पेरेंट्स उच्च शिक्षा के लिए अपने बच्चों को भारत के किसी यूनिवर्सिटी में भेजने का सपना देखेंगे, उस दिन भारत दुनिया का नंबर वन देश बन जाएगा। आज भारत के बेहतर से बेहतर शिक्षण संस्थान से पढ़ने के बाद भी हमारे प्रतिभावान युवाओं का ड्रीम जॉब गूगल, अमेज़न जैसी विदेशी कंपनियों में काम करना होता है लेकिन यदि हमें अपने देश को शीर्ष पर पहुँचाना है तो अपने देश में भी ऐसी कंपनियां तैयार करने की जरुरत है जिसमें काम करने का सपना विदेशों में पढ़ने वाले बच्चे देखे, तभी भारत नंबर वन बनेगा।
उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि अगर सभी नौकरी तलाशने वाले बन जाएंगे तो नौकरी देगा कौन? बिजनेस ब्लास्टर्स एक ऐसा कार्यक्रम है जो इस सवाल का जबाव है और इस कहानी को बदल सकता है। यह प्रत्येक छात्र को उनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का अवसर देता है और उनमें एंत्रप्रेन्योरशिप स्किल विकसित करता है। यह कार्यक्रम छात्रों के माइंडसेट को बदल कर उन्हें जॉब सीकर के बजाय जॉब प्रोवाइडर बनाता है। बिजनेस ब्लास्टर्स के बारे में छात्रों की शंकाओं को दूर करते हुए, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर्स कुछ नया करने की कोशिश करने, बेरोजगारी जैसे सामाजिक मुद्दे को हल आदि करने का एक मंच है। इससे शामिल छात्रों का व्यवसाय भले ही सफल न हो, लेकिन इस एंत्रप्रेन्योरशिप की जर्नी से मिली सीख हमेशा छात्रों के साथ रहेगी|
उल्लेखनीय है कि बिजनेस ब्लास्टर्स दिल्ली सरकार के एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसे इस साल दिल्ली सरकार के स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। इसके तहत सरकार द्वारा प्रत्येक छात्र को 2000 रुपये की सीड मनी देकर उन्हें अपने स्टार्ट-अप्स को शुरू करने का वास्तविक अनुभव प्रदान किया जाता है।हमें जर्मनी व जापान जैसे देशों से सीखने की जरुरत है जो दूसरे विश्वयुद्ध में पूरी तरह तबाह हो चुके थे। उसके बावजूद वो दोबारा उठ खड़े हुए और आज दुनिया के विकसित देशों में शुमार है।
उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अकेले दम पर देश को नंबर वन नहीं बना सकती है। सभी 131 करोड़ भारतीयों को साथ मिलकर इस सपने को पूरा करना होगा। इसलिए आजादी के 75वें साल के अवसर पर सभी यह प्रतिज्ञा लें कि हम सभी साथ मिलकर भारत को विश्व का नंबर वन देश बनायेंगे और इस विज़न को पूरा करने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है।