बाबा लक्खी शाह बंजारा सिख समाज के इतिहास का एक अभिन्न अंग है – मनजिंदर सिंह सिरसा

नई दिल्ली (चलते फिरते ब्यूरो) ।आज दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बाबा लक्खी शाह बंजारा की 444 वा जयंती भव्य एवं सांस्कृतिक और बड़े ही धूमधाम से मनाया गया इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री  जी किशन रेड्डी ने की।इस कार्यक्रम में केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा, संसदीय कार्य राज्यमंत्री  अर्जुन राम मेघवाल और सामाजिक एवं सशक्तिकरण मंत्री श्री रामदास अठावले के साथ कई सांसद गण भी उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख राजस्थान के  बालक नाथ  छत्तीसगढ़ के विजय बघेल जी महाराष्ट्र के डॉक्टर जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य एवं दिल्ली के  रमेश बिधूड़ी साथ ही दिल्ली प्रदेश भाजपा के महामंत्री एवं सचिव उपस्थित रहे, ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  शंकर पवार सेवालाल महाराज  के वंशज एवं पोहरादेवी पुण्य क्षेत्र के पीठाधी पति बाबू सिंह महाराज एवं भारतवर्ष से आए हुए 100 से अधिक संत व योगी गण उपस्थित थे।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने वक्तव्य में बंजारा समाज और सिख समाज के अटूट बंधन का है सविस्तार व्याख्यान किया जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह जब सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी को धर्म परिवर्तन ना करने के दंड के रूप में औरंगजेब ने शीश कलम करने का हुक्म दिया और उन्हें शहीद कर दिया गया और साथ ही औरंगजेब ने यह भी ऐलान करवाया कि यदि कोई भी व्यक्ति गुरु तेग बहादुर जी का अंतिम संस्कार करने की कोशिश करेगा उसकी भी हत्या कर दी जाएगी! तब सिख समाज बाबा लक्खी शाह बंजारा जी के पास गया और मदद करने को कहा यह सुनकर बाबा लक्खी शाह बंजारा अपने पूरे बैलगाड़ी ऊंट घोड़े के दल को लेकर चांदनी चौक गए और वहां से गुरु तेग बहादुर जी का शरीर लेकर अपने गांव रायसीना तांडा पहुंचे (जहां पर आज गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब और संसद भवन है) और अपने घर में गुरु तेग बहादुर जी का पवित्र शरीर को रखकर अपने घर को ही आग लगा दिया इस तरह बाबा लक्खी शाह बंजारा सिख इतिहास में अमर हो गए उनके इस पवित्र कार्य को गुरु ग्रंथ साहिब में भी व्याख्यान की गई है इस तरह से बंजारा समाज और सिख समाज दोनों एक दूसरे से अलग नहीं है और आज हम यह कार्यक्रम कर कर बंजारा समाज को और उनके वीर बलिदानी बाबा लक्खी शाह बंजारा जी को सच्ची श्रद्धां पूर्वक पुष्प अर्पित कर रहे हैं!
भारत सरकार के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री  ने बाबा लक्खी शाह बंजारा के इतिहास पर रोशनी डालते हुए कहा कि वह उन महानतम वीरों में से हैं जिनका मुगलों के शासन में उनसे डटकर लोहा लेने का इतिहास है पर दुर्भाग्यवश ऐसे वीर भारत के सपूतों व बलिदानी यों को उनको भारत के इतिहास में जो जगह मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिली इसलिए भारत सरकार आजादी के अमृत महोत्सव के उत्सव पर ऐसे महान वीर और देश के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाले बाबा लक्खी शाह बंजारा जी को उनके 444 में जयंती पर भारत सरकार की तरफ से उन्हें कोटि-कोटि नमन करता है और यह कार्यक्रम आने वाले कई सालों तक याद रखा जाएगा क्योंकि यह कार्यक्रम आजादी के 75 साल में मनाया जा रहा है उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जाहिर की कि ऐसे महान वीर को आजादी के 75 साल बाद भी बुलाया गया है और यह है सा काल है जहां सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया अपने चरम पर है! आजादी के अमृत महोत्सव को मनाने का जो एक लक्ष्य यह था कि ऐसे बुलाए गए कई हस्तियों को याद किया जाए.
संसदीय राज्य कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जी ने तालकटोरा स्टेडियम में बैठे हुए सभी लोगों को अपने कंठ से बाबा लक्खी शाह बंजारा जी के बारे में दोहा/लोकगीत गाकर मंत्रमुग्ध कर दिया उन्हें बताया कि ऐसे ही हमारे पूरे राजस्थान में बाबा लक्खी शाह बंजारा को लोकगीत के माध्यम से आज भी जीवित रखा गया है और साथ में उन्होंने भी बताया की इन्हीं लोकगीतों में उनके व्यापार पूरे चारों दिशाओं में फैला हुआ था और वह कितने बड़े व्यापारी थे उस समय के, और यह कार्यक्रम ऐसे सच्चे भारत के इस वीर सपूत को उनके जयंती के अवसर पर भारत सरकार की तरफ से एक भेंट है।
केंद्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा जीने भी बाबा लक्खी शाह बंजारा के बारे में बहुत सी अनकही बातें लोगों के सामने रखी और उन्होंने यह भी आश्वासन दिया की वह बंजारा समाज के किसी भी समस्या को तत्परता के साथ निभाने में माननीय सांसद डॉ उमेश जाधव जी के साथ हैं!इस कार्यक्रम के निवेदक डॉ उमेश जाधव ने अपने वक्तव्य में इस समय इस समाज के कई समस्याओं को सभी मंत्रियों के सम्मुख रखा और साथ में यह भी निवेदन किया की जिस रायसीना टांडा पर आज संसद भवन एवं राष्ट्रपति भवन एवं अन्य मंत्रालय स्थापित है वह एक समय पर बाबा लक्खी शाह बंजारा का टांडा (गांव) हुआ करता था, ऐसे महान वह सच्चे वीर को नए संसद भवन में बाबा लक्खी शाह बंजारा जी का एक प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए इस तरह हम आजादी के 75 साल बाद ऐसे भारत के सच्चे वीर एवं बंजारा समाज की शान को हम सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे! और साथ ही उन्होंने भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का भी धन्यवाद किया जिन्होंने बेंगलुरु से निजामुद्दीन तक एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की और साथ ही मुंबई से इंदौर से रायपुर से अतिरिक्त डिब्बे लगवा कर लोगों को इस कार्यक्रम में पहुंचने में मदद किया।
कार्यक्रम की प्रमुखता यह रही कि इसमें भारतवर्ष के लगभग सभी राज्यों से बंजारा समाज के प्रतिनिधि एवं सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया जिनकी संख्या 10,000 से अधिक थी और 4 घंटे से अधिक बंजारा समाज के रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई।