प्रेमचन्द जयंती पर “ वर्तमान परिद्रश्य मे प्रेमचन्द और हम ” विषय पर संगोष्ठि एवं साहित्य रत्न सम्मान समारोह-2022” का आयोजन

कोटा (चलते फिरते ब्यूरो)। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रंखला अंतर्गत राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा एवं कर्मयोगी सेवा संस्थान  कोटा के संयुक्त तत्वाधान मे के डॉ एस.आर .रंगानाथन कंवेंशनल हॉल मे मुंशी प्रेमचन्द जयंती की 142 वर्षगांठ के उपलक्ष्य मे “वर्तमान परिद्रश्य मे प्रेमचन्द और हम” विषय पर संगोष्ठि एवं “साहित्य रत्न सम्मान समारोह-2022” का आयोजन किया गया जिसके अन्तर्गत 75 साहित्यकारों , लेखकों , कवियों का सम्मान किया गया ।

इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार  अतुल कनक , मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार  ओम सोनी “ मधुर , अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार  जगदीश सोलंकी ने की । सम्मान समारोह का आयोजन संस्थापक कवि कलाकार लेखाक एवं चित्रकार राजाराम जैन “कर्मयोगी रावण सरकार” एवं अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार अल्कादुलारी जैन कर्मयोगी ने किया और संयुक्त रुप से अवगत कराया कि इन साहित्यकारों , लेखकों , कवियों का चयन एक चयन समिति के माध्यम से किया गया जिसके संयोजक हरिचरण अहरवाल, अध्यक्ष राजेन्द्र पंवार, महामंत्री लोकेश मृदुल , सचिव मुकेश मोरवाल द्वारा किया गया ।इस कार्यक्रम में विशाल संख्या में शहर के गणमान्य अतिथिप्रबुद्ध जनसाहित्यकार, लेखक, कवि और बुद्धिजीवी सम्मिलित हुए।

उदघाटन भाषण मे डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव मण्डल पुस्तकाल्याध्यक्ष ने कहा कि प्रेमचन्द यथार्थवादी लेखक थे हमे उनसे संवेदनशीलता को जीवन मे अपनाना चाहिये ।मुख्य वक्ता अतुल कनक ने कहा कि प्रेमचन्द ने अपने साहित्य मे समाज के उस तबके की पीडाओं को चिन्हित किया जो दलित था, उपेक्षित था । उन्होने अपने लेखन मे और जीवन मे स्वार्थ को त्यागकर संपुर्ण मानवता के कल्याण की बात की और यही बात उन्हें कलम का महान सिपाही बनाती है । मुख्य अतिथि ओम सोनी “ मधुर ने कहा कि “ साहित्यकार , कवि पत्रकार, वर्तमान मे अपने कर्तव्यों व दायित्वों के प्रति अधिक सजग रहे यह सदी पुनः भारत को विश्व गुरु बनाये इस हेतु इन सब को महती भुमिका निभानी होगी। अध्यक्षता कर रहे जगदीश सौलंकी ने वर्चुअल संबोधन मे सभी सम्मानप्राप्तकर्ताओ को बधाई एवं साधुवाद दिया ।

सम्मानित होने वाले साहित्यकारों,लेखकों,कवियों मे जगन्नाथ गोचर,डॉ0 शमीम खान,प्रधुम्न वर्मा,डॉ0 राजेन्द्र कुमार,डॉ0 उदयमनी कौशिक,राजेन्द्र सिंह सोलंकी,हफिज राही,गिरिराज आमेटा,गोविन्द हाँकला,संजय शुक्लादुर्गाशंकर धाँस्सू,रमेश राजस्थानी,बुद्धिप्रकाश सेन,अर्जुन अल्हड़,दिनेश मालव,रुस्तम खान,कोमल नाजुक,दीपा सैनीडॉ0 नन्दकिशोर महावर,पवन गोचर, समेत 75 कलाकार सम्मलित है । संचालन वरिष्ठ गीतकार राजेन्द्र पंवार ने किया ।

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