पात्रा चॉल जमीन घोटाले में संजय राउत हिरासत में

बाल मुकुन्द ओझा

कहते है सत्ता का घमंड ज्यादा नहीं रखना चाहिए। व्यवहारिक जीवन में भी आप किस भी वस्तु का घमंड करें वह जरुर टूटेगा। एक दिन उसे जमीन पर गिरना ही पड़ता है। यह कर दिखाया है महाराष्ट्र की ज्वलंत घटनाओं ने जहाँ महाविकास अघाड़ी की सरकार गिरने के बाद महाराष्ट्र की सियासत नित नए गुल खिला रही है। कल तक अपने विरोधियों को सबक सीखने वाले नेता आज खुद परेशानी में फंस गए है। एक दिन पहले राज्यपाल कोशियारी के एक बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उन्हें कोल्हापुरी चप्पल दिखाई थी तो आज उनके खासमखास संजय राउत को जमीन घोटाले में सेंट्रल एजेंसी ने हिरासत में ले लिया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा जब आपने कोई अपराध नहीं किया है तो डरने की क्या बात है। सांसद नवनीत राणा ने कहा राउत को अपने कारनामों की वजह से जेल जाना ही पड़ेगा। इससे पूर्व उद्धव ठाकरे ने उनकी गिराफ्तारी की आशंका जता दी थी।

अपने विरोधियों को जेल में बंद करने और कई लोगों के मकान गिराने की धमकी देने वाले वाले बड़बोले शिवसेना नेता संजय राउत को आखिर प्रवर्तन निदेशालय [ ईडी ] ने अपनी हिरासत में ले ही लिया। राउत के विरोधियों ने इसे जैसी करनी वैसी भरनी बताकर अपनी टिपण्णी की है।
रविवार सुबह 7 बजे से ही ईडी की टीम छापेमारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम संजय राउत को लेकर अपने दफ्तर गई और वहां गहनता से पूछताछ की जा रही है। ईडी ने तीन जगहों पर आज छापेमारी की और दस्तावेज खंगाले। ईडी ने संजय राउत को समन भेजा था लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। यह मामला 1034 करोड़ के पात्रा चॉल लैंड स्कैम से जुड़ा है। संजय राउत ने संसद के मानसून सत्र का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए पेश होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हिम्मत है तो एजेंसी उन्हें गिरफ्तार कर ले।
क्या है पात्रा चॉल जमीन घोटाला
पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरुआत 2007 से हुई थी। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डिवलपमेंट अथॉरिटी प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की मिली भगत से यह घोटाला होने का आरोप है। 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के रिडिवेलपमेंट का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया था। यह कंस्ट्रक्शन गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर में होना था। म्हाडा की 47 एकड़ जमीन में कुल 672 घर बने हैं। रीडिवेलपमेंट के बाद गुरु आशीष कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर देने थे। म्हाडा के लिए फ्लैट्स बनाने के बाद बची हुई जमीन को प्राइवेट डिवलपर्स को बेचना था। 14 साल के बाद भी कंपनी ने लोगों को फ्लैट बनाकर नहीं दिए।
आरोप है कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने फ्लैट बनाने की बजाए 47 एकड़ जमीन को आठ अलग-अलग बिल्डरों को बेच दी। इससे कंपनी ने 1034 करोड़ रुपये कमाए। मार्च 2018 में म्हाडा ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। मामला आर्थिक अपराध विंग को दिया गया। जिसने फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि प्रवीण राउत, संजय राउत का करीबी है।
प्रवीण राउत को ईडी ने गिरफ्तार करके पूछताछ की। उसके बाद इस मामले में सुजीत पाटकर का नाम आया। ईडी ने सुजीत पाटकर के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में कई अहम दस्तावेज मिले। ईडी की जांच में सामने आया कि प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी राउत ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को एक लोन दिया। यह लोन 55 लाख रुपये का था लेकिन बैंक से यह बिना किसी लोन के पास हुआ। बैंक से लिए गए 55 लाख रुपयों से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा। इस फ्लैट के सिलसिले में ईडी ने वर्षा राउत से पूछताछ की.
आरोप है कि म्हाडा लैंड डील में प्रवीण राउत को कमीशन के रूप में 95 करोड़ रुपये मिले। संजय राउत से लैंड डील में एक और लिंक जुड़ रहा है। संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत और सुजीत पाटकर की पत्नी ने अलीबाग में एक जमीन खरीदी थी। ईडी का मानना है कि इस जमीन को खरीदने के लिए भी रुपयों की हेराफेरी की गई। अब ईडी सारे मामलों की जांच के बाद सारे लिंक की कडियां जोड़ने में लगी है।
(लेखक वरिष्ठ स्तम्भकार हैं)

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