हाईकोर्ट के फैसले को कुचलकर कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने इस देश में आपातकाल लगाया था-जी किशन रेड्डी

नई दिल्ली। 25 जून 1975 को कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र की हत्या की और संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी। भारतीय राजनीति के इतिहास में इसे काला अध्याय भी कहा जाता है। लोगों को उस काले अध्याय से अवगत कराने के लिए आज एग्जिविशन का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली प्रभारी  श्याम जाजू, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  आदेश गुप्ता, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष  विजय गोयल ने किया। इस अवसर पर विधायक अजय महावर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जय प्रकाश, उत्तरी दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति अध्यक्ष पद के उम्मीदवार  छैल बिहारी गोस्वामी, सदन के नेता  योगेश वर्मा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को कुचलकर एक व्यक्ति की कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने इस देश में आपातकाल लगाया था। राहुल गांधी को आपातकाल के दौरान कांग्रेस द्वारा देश में किए गए अत्याचारों के बारे में जरूर पढ़ना चाहिए। आपातकाल के दौरान विपक्ष के नेताओं को जेल में डाला गया, राजनीतिक पार्टियों पर प्रतिबंध लगाया गया, लोगों के हित में काम करने वाले संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया, जबरन नसबंदी कराई गई, प्रजातंत्र का गला घोटते हुए मीडिया की आजादी छीन ली गई। आपातकाल लगाकर सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस के काले कारनामों से देशवासियों को विदित कराने के लिए भाजपा हर साल 25 जून को एग्जिविशन, सेमिनार का आयोजन करती है। पिछले 6 सालों से मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार प्रजातंत्र के आधार पर काम कर रही है। राहुल गांधी न ही लोकतंत्र को समझते हैं, न ही राज्य की राजनीति को, न ही केंद्र की राजनीति को और न ही अंतर्राष्ट्रीय राजनीति को, इस कारण वे  राजनीति में अप्रासंगिक है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि आज से 45 साल पहले कांग्रेस की सरकार द्वारा आपातकाल लगाकर एक व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए देश के नागरिकों के अधिकार का हनन किया गया, लोकतंत्र और न्याय तंत्र को कुचला गया। कांग्रेस के थोपे गए शर्मनाक आपातकाल की बरसी पर मैं उन सभी सेनानियों को नमन करता हूं जिन्होंने घोर अन्याय और यातनाएं सहने के बावजूद लोकतंत्र की हत्या करने वालों के सामने घुटने नहीं टेके और लोकतंत्र की रक्षा की। इस एग्जिबिशन के माध्यम से हम लोगों को कांग्रेस का असली चेहरा और चरित्र ज्ञात करना चाहते हैं। कांग्रेस जब विपक्ष में होती है तो अभिव्यक्ति की आजादी की बात करती है लेकिन जब सत्ता में होती है तो अभिव्यक्ति की आजादी को छीन लेती है। कांग्रेस का दोहरा चरित्र आज देशवासियों के सामने हैं और देशवासी भी देख रहे हैं कि कांग्रेस किस तरह से कोरोना और चीन को लेकर भ्रम फैला कर राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने इस देश के लोकतंत्र के अध्याय में जो काला धब्बा लगाया है उसके लिए लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के सबसे दुःखद अध्याय 25 जून 1975 आपातकाल का है। देश स्वतंत्र होने के बाद भी तत्कालीन सरकार ने लाखों लोगों को जेल में डालकर देशवासियों की संवैधानिक आजादी को छीना था। सत्ता के मोह में सिंहासन को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने दिन दहाड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी और देश के नागरिकों को खून के आंसू रुलाया। आपातकाल के विरोध आंदोलन में शामिल अपने पिताजी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आन्दोलन करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों को मैं नमन करता हूं। उनके त्याग और बलिदान को देश कभी नहीं भूल पाएगा।
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