राजस्थान में आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल ने पैठ बना ली है- राज्यवर्धन सिंह राठौर

चलते फिरते ब्यूरो
नई दिल्ली। राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की शरीर के गर्दन उतार ली गई एक विशेष समुदाय के लोगों के द्वारा जिसकी वजह से पूरे राजस्थान में धारा 144 लगा दी गई है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने उदयपुर में कन्हैया की हत्या को लेकर राजस्थान सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि राजस्थान में कट्टरपंथी संगठन अपना जड़ जमाते जा रहे हैं और राजस्थान सरकार हाथ पर हाथ रखकर तमाशा देखने के सिवा कुछ नहीं कर रही है। देश और राजस्थान के लिए बहुत ही चिंता का विषय है कि राजस्थान में आतंकी संगठन के स्लीपर सेल अंदर आ गए हैं । राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि आतंकी संगठन के साथ कहीं न कहीं इस घटना के आरोपियों के साथ मेल मिलाप है । उदयपुर की घटना दोहरी साजिश है और राजस्थान में लॉयन ऑर्डर जीरो है। राजवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि पूरे देश और समाज में आक्रोश है राजस्थान सरकार के लिए लोगों के मन में गुस्सा है और वही समाज में असुरक्षा की भावना है इसको देखते हुए यह गुस्सा भी जायज लग रहा है। राठौड़ ने कहा कि संविधान और देश के कानून के तहत और शांतिपूर्ण तरीके से कार्यवाही करना बहुत जरूरी है भाजपा की अपील है कि जो भी घटना हुई है इसके बावजूद शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखें। राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राजस्थान भाजपा और हम सभी लोगों के तरफ से कन्हैया लाल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। कन्हैया लाल के परिवार के साथ राजस्थान की जनता और पूरे देश के लोग खड़ी है। राजवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि इस आतंकी हमले के लिए पूरी तरह से राजस्थान सरकार जिम्मेदार है क्योंकि यह अपने आप में अलग घटनाएं नहीं है ऐसी घटनाएं राजस्थान में बार-बार हो रही है। राठौर ने कहा कि ऐसे आतंकी संगठन पनप रहे हैं और राजस्थान सरकार में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट इन को प्रोत्साहित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है । राजस्थान सरकार के जो फैसले साफ तरह से तुष्टिकरण दिखाते हैं। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार दोहरी रवैया अपनाती है जहां एक संप्रदाय के प्रति नरमी को दूसरी संप्रदाय के प्रति  सख्ती का रुख अपनाती है। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस घटना क्रम में सबसे पहले गिरफ्तारी कन्हैया की हुई। कन्हैया स्थानीय पुलिस से सुरक्षा मांगा रहा था लेकिन उसे सुरक्षा नहीं दी गई बल्कि उसके ऊपर प्रेशर बनाया गया कि वह समझौता कर ले। राठौर ने कहा कि कन्हैया को छुट्टी नहीं देकर हत्यारे के भाइयों को स्वीकृति दी गई और अब जब कन्हैया की हत्या हो गई है तो प्रशासन उसे लीपापोती करने में लगी हुई है। राठौर ने कहा कि कन्हैया ने 6 दिनों तक अपनी दुकान बंद रखी है और जिस दिन उसे दुकान खुली उसी दिन उसकी हत्या कर दी जाती है। राजवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री इस तरह के बयान देते हैं तो हास्यापद होते हैं। करौली हिंसा हुई तो उन्होंने जस्टिफाई कर दिया कि जय श्री राम नारा लगाने से हुई है वीडियो वायरल हुआ और इसकी पूरी जानकारी मुख्यमंत्री को कि इसके बाद भी इसे आपसी झगड़ा और हत्या जैसे शब्द का प्रयोग किया गया। राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री अक्षम है या जानबूझकर इस दबाने की कोशिश की जा रही है। राठौर ने कहा कि इन दोनों को से राजस्थान कट्टरपंथियों का अड्डा बनता जा रहा है। राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि राजस्थान की सरकार और मंत्री बार-बार होटलों में जाकर अपनी सुरक्षा करते हैं और पूरी पुलिस होटल को सुरक्षा देती है वहीं राजनीतिक इंटेलिजेंस के लिए पुलिस की इंटेलिजेंस इस्तेमाल की जा रही है जाहिर है कि पुलिस का फोकस आम जनता की सुरक्षा पर न होकर वीवीआइप सरकार के मंत्री और उनके चाहने वाले लोगों के लिए होगी।

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