कोरोना काल में भी केजरीवाल सरकार भ्रष्टाचार करती रही -आदेश गुप्ता

केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के तरीकों को देख कर तो बड़े-बड़े ‘राजनीतिक गिद्ध’ भी शर्मा जाए-मनोज तिवारी

@ chaltefirte.com 

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  आदेश गुप्ता और सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  मनोज तिवारी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकरा पर हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना काल में दिल्ली सरकार ने कोरोना के उपचार के लिए सात अस्थाई अस्पताल बनाने के लिए 1256 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर ये अस्पताल बनाने की बात कही गई वहां पहले से ही अस्पताल बने हुए थे और इन्हीं अस्पतालों में उपचार के नाम पर 1256 करोड़ रुपये की लूट को अंजाम दे दिया गया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार का यह अपने आप में अनोखा मामला है, लेकिन केजरीवाल अपने दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ने पर आमदा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  आदेश गुप्ता ने जनता से केजरीवाल के भ्रष्टाचार की जानकारी ईमेल आईडी corruptionofkejriwal@gmail.com  पर भेजने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि 22 जून से पार्टी केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाएगी। अभियान के पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के सभी सांसदों एवं अन्य पदाधिकारी उन सभी सात अस्पतालों का दौरा कर वास्तविकता का पता लगाएंगे कि वहां कोरोना उपचार के नाम पर क्या किया गया है। अगर कुछ किया तो वह ढांचा कहां गया।

आदेश गुप्ता एवं  मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार की व्यय समिति ने 10 अगस्त 2021 को कोरोना उपचार के लिए सात अस्थायी अस्पताल बनाने के लिए 1210 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित किया जिसे बाद में 1256 करोड़ रुपये कर दिए गया। सच्चाई ये है कि रघुवीर नगर और किराड़ी सहित जिन स्थानों पर ये सुविधायें थीं वहां पहले से ही अस्पताल बने हुए थे। इस तरह से दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 1256 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार करोना उपचार के नाम पर ही कर दिया।

उन्होंने कहा कि आपदा काल में जब दिल्ली के हर व्यक्ति ने अपनी हैसियत के मुताबिक किसी न किसी व्यक्ति की मदद की तब सरकार ने मदद के नाम पर 1256 करोड़ रुपये का घोटाला कर दिया। इस मामले की बकायदा शिकायत की गई थी लेकिन दिल्ली सरकार ने इसकी जांच नहीं होने दी। अदालत में मामला ले जाने पर अब इसकी जांच एसीबी को सौंपी गई है और उम्मीद है कि केजरीवाल सहित व्यय समिति में शामिल उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ मंत्री सत्येन्द्र जैन सहित बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी फंसेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल सरकार का यह दूसरा कार्यकाल चल रहा है। पहले कार्यकाल में भ्रष्टाचार के सैकड़ों मामले हुए और अब दूसरे कार्यकाल में तो केजरीवाल सरकार ने कोई विभाग नहीं छोड़ा जिसमें भ्रष्टाचार न हुआ हो। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, स्कूल भवन निर्माण और टैंकर घोटाले बाद अब कोरोना उपचार के नाम पर ही 1256 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1216 करोड़ रुपये का टेंडर पास किया जो बाद में बढ़ाकर 1256 करोड़ रुपये कर दिया गया। अब केजरीवाल सरकार के इसी भ्रष्टाचार की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए दिल्ली भाजपा के सभी सांसद एवं विधायक सहित पदाधिकारी एक विशेष अभियान के तहत उन सभी अस्पतालों का दौरा करेंगे जिसकी शुरुआत 22 जून से होगी।

सांसद  मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के तरीकों को देख कर तो बड़े-बड़े ‘राजनीतिक गिद्ध’ भी शरमा जाए। जनता को उपचार देने के नाम पर करोड़ो रुपये का घोटाला तो कोई सोच भी नहीं सकता और वह भी उस कोरोना काल में जब अनजान व्यक्ति भी एक-दूसरे की मदद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में अस्थाई तौर पर सुविधा देने का दावा किया गया वे तो पहले से ही काम कर रहे थे जिससे स्पष्ट है कि सभी पैसों का घोटाला किया गया है। अगर ऐसा नहीं तो जिन जगहों पर सुविधाएं दी गई वे आज भी होनी चाहिए क्योंकि उन को समाप्त तो घोषित किया नहीं गया है।

 

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