देश में ओलंपिक आंदोलन और मजबूत होगा:नीता अंबानी

आगामी आईओसी 2023 सत्र से पहले उड़ीसा में भारत का पहला ओलंपिक वैल्यूस एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किया गया

 @ chaltefirte.com                                                     मुंबईइंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की सदस्या  नीता अंबानी ने आज उड़ीसा में आईओसी द्वारा भारत के पहले ‘ओलंपिक वैल्यूस एजुकेशन प्रोग्राम (ओवीईपी) के लॉन्च की खूब सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ओलंपिक की मूल भावना के अनुरूप, ओवीईपी शिक्षा और खेल की दोहरी शक्तियों को साथ जोड़ता है। युवाओं को उत्कृष्टता, सम्मान और दोस्ती के ओलंपिक मूल्यों से परिचित कराने के लिए आईओसी द्वारा ओवीईपी को डिजाइन किया गया है। मूल्य-आधारित इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सक्रिय, स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करना है। मुंबई में प्रस्तावित आईओसी 2023 सत्र से पहले, ओवीईपी का शुभारंभ भारत में ओलंपिक आंदोलन की एक ऐतिहासिक पहल है।

इस साल की शुरुआत में नीता अंबानी ने आईओसी सत्र 2023 की मेज़बानी के लिए हुई बिडिंग में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, जहां 40 वर्षों के बाद भारत को करीब सर्वसम्मति से मेजबानी का अधिकार मिला। भारत में होने वाला आईओसी सत्र 2023, भारतीय खेल इतिहास में एक नए युग के शुरूआत  का प्रतीक है। यह भारत की ओलंपिक आकांक्षाओं को बढ़ाएगा। देश में स्पोर्ट्स इको सिस्टम खड़ा करने में  मदद करेगा, युवाओं को अपना कौशल निखारने और वैश्विक स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने को प्रोत्साहित करेगा। बच्चों में मूल ओलंपिक मूल्यों को विकसित करने में मदद करने वाला और ओलंपिक एजुकेशन के अंतर्गत आने वाला ‘ओलंपिक वैल्यूस एजुकेशन प्रोग्राम’ श्रीमती अंबानी के दिल के बेहद करीब है। इसके साथ वे कई अन्य ओलंपिक मूवमेंट कमीशन्स का भी हिस्सा हैं।

आईओसी सदस्या नीता अंबानी ने कहा, “भारत महान अवसरों और अनंत संभावनाओं का देश है।” “हमारे स्कूलों में 25 करोड़ से अधिक बच्चे हैं, जिनमें प्रतिभा और क्षमता है। वे कल के चैंपियन हैं, हमारे देश का भविष्य हैं। दुनिया में बहुत कम बच्चे ही ओलंपियन बन पाते हैं, लेकिन हर बच्चे को ओलम्पिक के आदर्शों से अवगत कराया जा सकता है। यही ओवीईपी का मिशन है और यही इसे भारत के लिए एक बड़ा अवसर बनाता है। ऐसे में जब हम अगले साल मुंबई में आईओसी सत्र 2023 की मेजबानी की तैयारी कर रहे हैं, मैं आशा करती हूं कि देश में ओलंपिक आंदोलन और मजबूत होगा।“

ओवीईपी को आधिकारिक तौर पर उड़ीसा के माननीय मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, आईओसी सदस्यानीता अंबानी, आईओसी एजुकेशन कमीशन के अध्यक्ष मिकाएला कोजुआंग्को जॉवर्स्की , ओलंपियन और आईओसी एथलीट कमीशन के सदस्य अभिनव बिंद्रा और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्राद्वारा लॉन्च किया गया था। ओवीईपी को उड़ीसा की स्कूली शिक्षा प्रणाली में एकीकृत किया जाएगा। कार्यक्रम को स्कूल और जन शिक्षा विभाग, उड़ीसा सरकार और अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन ट्रस्ट की साझेदारी में विकसित किया जा रहा है।

 श्रीमती अंबानीने भारत के ओलंपिक सपने के समर्थन और ज़मीनी स्तर पर विकास के लिए उड़ीसा सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “श्री पटनायक जी के दूरदर्शी नेतृत्व में उड़ीसा, भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं का केंद्र बन गया है। राज्य सक्रिय रूप से खेल के लिए एक समग्र इकोसिस्टम बना रहा है, जो हमारे युवा एथलीटों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा।”

उड़ीसा रिलायंस फाउंडेशन एथलेटिक्स हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) के लिए रिलायंस फाउंडेशन, उड़ीसा सरकार के साथ मिलकर काम करता है। एचपीसी के दो रिलायंस फाउंडेशन एथलीटों – ज्योति याराजी और अमलान बोरगोहेन ने पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े और पदक जीते हैं। ज्योति ने 19 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त किया और फिर बाद में अपने ही रिकॉर्ड को और बेहतर बनाया। इस उपलब्धि के साथ ही ज्योति राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालिफिकेशन टाइम से आगे निकल गई हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय खेलों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

ओवीईपी-उड़ीसा प्रोग्राम के बारे में: ओवीईपी-आधारित परियोजनाएं और गतिविधियां, खराब जीवन शैली, एकाग्रता की कमी और किशोरों के स्कूल छोड़ने जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में मदद करती हैं। प्रोग्राम के संसाधनों और टूलकिट को ऐसे डिजाइन किया गया है कि युवा, शारीरिक गतिविधि का आनंद लेने के साथ मानसिक शक्ति भी हासिल करें। कार्यक्रम का लक्ष्य, पहले वर्ष में भुवनेश्वर और राउरकेला शहरों के 90 स्कूलों में नामांकित 32,000 बच्चों तक पहुंचना है और एक बार पूरी तरह शुरू होने के बाद, यह लगभग 70 लाख बच्चों तक पहुंचाया जाएगा। उड़ीसा राज्य ओवीईपी को चरणबद्ध तरीके से अपने सभी स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में ले जाने का इरादा रखता है, जिससे इसकी युवा आबादी वास्तव में ओलंपिक मूल्यों को ग्रहण कर सके।

 आईओसी के लिए ओवीईपी कार्यक्रम का नेतृत्व करता है, उड़ीसा राज्य द्वारा नामित “मास्टर ट्रेनर्स” के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगा। ये मास्टर ट्रेनर्स राज्य में आठ से दस स्कूलों के फोकस समूहों के साथ प्रोग्राम की शुरूआत करेंगे। स्कूल के प्रधानाचार्यों, शिक्षा और खेल अधिकारियों और परियोजना में शामिल अन्य कोर ग्रुप सदस्यों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे।

  ओलंपिक वैल्यूस एजुकेशन प्रोग्राम: ओलंपिक वैल्यूस एजुकेशन प्रोग्राम आईओसी द्वारा बनाए गए मुफ़्त और सुलभ शिक्षण रिसोर्स की एक श्रृंखला है। इसमें प्रतिभागियों को मूल्य-आधारित शिक्षा का अनुभव कराने और अच्छी नागरिकता की ज़िम्मेदारियों को संभालने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ओवीईपी ओलंपिक की समझ और व्यक्तिगत स्वास्थ्य, आनंद और सामाजिक संपर्क पर इसके प्रभाव के माध्यम से खेल और शारीरिक गतिविधि के दीर्घकालिक लाभों का संचार करता है।

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