बचाव ही मलेरिया का बेहतर इलाज

विश्व मलेरिया दिवस - 25 अप्रैल

बाल मुकुन्द ओझा

मलेरिया रोग को नियंत्रित करने के उद्देश्य से विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल को मनाया जाता है। दुनियाभर में हर वर्ष लाखों लोगों की मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी के कारण मृत्यु हो रही है। विश्व मलेरिया दिवस 2022 की थीम.श्मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग करें रखी गई है। मलेरिया तेज बुखार वाली बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर साफ पानी में अंडे देती है। इस रोग को फैलाने वाले परजीवी को प्लाज्मोडियम कहते है। देश पहले ही कोरोना महामारी के खतरे से भयाक्रांत है। ऐसे में हम सभी को मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों से सतर्कता और जागरूकता रखनी चाहिए। मलेरिया बीमारी मच्छर के काटने से होती है इसलिए बच्चों से बुजुर्गों तक को मच्छरों से बचाव रखना चाहिए। इसके लिए आप अपने घर के आसपास पानी न भरने दें। बारिश के मौसम में किसी भी कंटेनर आदि में पानी जमा न होने दें और समय.समय पर कूलर को साफ करें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 2020 में दुनिया भर में मलेरिया के 24ण्1 करोड़ मामले सामने आएए जो 2019 में सामने आए 21ण्9 करोड़ मामलों से ज्यादा हैं। 2020 में इस बीमारी ने 6ण्27 लाख लोगों की जान ले ली। इनमें से 96 प्रतिशत मौतें अफ्रीका में हुईं। मरने वालों में करीब 80 प्रतिशत पांच साल से कम उम्र के बच्चे थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हमारे देश में मुख्यतः दो प्रकार का मलेरिया पाया जाता है। प्लाजमोडियम फैल्सीफेरम एवं प्लाज्मोडियम वाईवेक्स। ये मच्छर जब मलेरिया से ग्रसित व्यक्ति को काटता है तब उसके खून में मौजूद प्लाज्मोडियम को अपने शरीर में खींच लेता है। लगभग आठ से दस दिन तक ये मच्छर मलेरिया फैलाने में सक्षम हो जाता है। यह परजीवी लार के साथ उसके शरीर में प्रवेश कर जाता है। जिससे स्वास्थ्य व्यक्ति भी मलेरिया से ग्रसित हो जाता है। मच्छर प्रजनन के कारण बारिश के दौरान और बारिश के बाद यह रोग अधिक लोगों को होता है। रोगी को समय पर उपचार मिलना आवश्यक है। इलाज मिले तो मलेरिया के लक्षण जल्द ही ठीक होने लगते हैं। पूरी तरह ठीक होने में मरीजों को कम से कम दो हफ्ते का समय लगता है। समय पर इलाज ना मिले तो कई बार ये बीमारी बार.बार होने की आशंका भी बनी रहती है। सही इलाज नहीं होने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है और कई अन्य तरह की बीमारियां भी घेर लेती हैं। इसलिए हमें पूरी सावधानी रखनी होगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नेपालए भूटानए दक्षिण अफ्रीकाए बोत्सवानाए ईरान सहित 25 देशों को मलेरिया मुक्त करने के लिए एक नई पहल ई.2025 शुरु की है। जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 25 और देशों को मलेरिया मुक्त करना है। इस पहल के तहत इन देशों को मलेरिया मुक्त करने के लिए विशेष समर्थन और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। मलेरिया एक वाहक जनित संक्रामक रोग होता है। यह सबसे प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है। प्रत्येक वर्ष यह विश्व में 51ण्5 करोड़ लोगों को प्रभावित करता है तथा 10 से 30 लाख लोगों की मृत्यु का कारण बनता है। आंकड़ों पर गौर करें तो अभी भी दुनिया को पूरी तरह मलेरिया मुक्त करने की मंजिल काफी दूर है। जिस तरह से दुनिया कोरोना महामारी का सामना कर रही हैए उसने मलेरिया के खिलाफ जारी जंग पर असर डाला है। आज पूरे विश्व का ध्यान कोरोना से लड़ने पर है। इस बीच अन्य बीमारियों के प्रति चेतना में कमी आई है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तम्भकार हैं)

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