सांसद रमेश बिधूड़ी ने खोली केजरीवाल सरकार की 7 साल की नाकामियों की पोल

   @ chaltefirte.com
नई दिल्ली। सांसद रमेश बिधूड़ी के नेतृत्व में दक्षिणी दिल्ली लोक सभा क्षेत्र की जनता ने क्षेत्र में पानी की कमी के चलते भारी संख्या में मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन कर सरकार की नाकामियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि क्या दिल्ली में रहने वालों को केजरीवाल की करतूतों से यूं ही मरने दिया जाएगा, पानी जीवन है और पंचतत्व से यह शरीर बनता है जिसमें एक तत्व पानी है, लेकिन पैसे के लालच में उस पानी में कैंसर समान जहर घोलकर अरविंद केजरीवाल दिल्ली वालों को पिला रहे हैं। जो 950 एमजीडी पानी ट्रीट होकर दिल्ली वाले पी रहे हैं वह जिस पॉली अल्मुनियम क्लोराइड से ट्रीट हो रहा है उस पर डब्लयूएचओ की गाइडलाइंस है कि उस से कैंसर होता है।रमेश बिधूड़ी ने कहा कि पेय जल की ट्रीट हमेशा फिटकरी से होना चाहिए, परंतु फिटकरी महंगा है तो उसी रेट पर पीएसी से कराया जा रहा है। केंद्र सरकार ने जब यह पाया तो इस बारे में अरविंद केजरीवाल से कहा लेकिन उनके कान में जूं तक नहीं रेंगी, अगर वह ईमानदार हैं तो उसकी ज्वाईन्ट जांच के लिए केंद्र ने 32 अधिकारी भेजे थे परंतु केजरीवाल ने दिल्ली जलबोर्ड की जांच के लिए अधिकारी नहीं दिए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कोई भी विभाग अपने पास नहीं रखा क्योंकि कोई मरेगा तो कह देंगे कि मंत्री चोर है और मंत्री को हटा देंगे। पानी को ट्रीट करने के लिए तीन प्रणालियों से होकर गुजरना पड़ता है उसमें से एक है गैस डिगेस्टर सिस्टम जिसमें पंखा घुमाकर ब्लो कर पानी साफ करते थे उससे गैस भी बनती थी जो लोगों को घरों में चूल्हे जलाने पर सस्ती पड़ती थी वह सिस्टम ही खत्म कर दिया, पुराने होने पर वह बदलने चाहिए कुछ मशीनों को रिपेयर करवाने में पेमेंट बार-बार होती है तो कमीशन मिलता है, ज्यादा खर्च बता कर कुछ सिस्टम को समाप्त कर दिया गया।उन्होंने कहा कि उस गैस के बिकने से सरकार पर रेवेन्यू भी आता था परंतु वह रिकॉर्ड में आ जाएगा तो घोटाला कैसे करेंगे इसलिए बीच के सिस्टम को ही समाप्त कर दिया। जल बोर्ड प्लॉटों पर जो गार्ड लगाए जाते हैं वह अपने चहेतों को ठेके देकर 38 हजार की पेमेंट ठेकेदार की कराई जाती है, वह गार्ड को मात्र 23-24 हजार देता है, जल बोर्ड के मंत्री, अधिकारी उनसे मिले हुए हैं जितने गार्ड होने चाहिए वह भी नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि टैंकर घोटाला कांग्रेस के समय 400 टैंकर सरकारी थे और लगभग 200 प्राइवेट, केजरीवाल ने कहा मेरे पास 450 पेज की फाइल है, जिसमें कांग्रेस द्वारा किये गए घोटालों का ब्यौरा है, पर वह आज तक सार्वजनिक नहीं किया उल्टे मात्र ढाई सौ टैंकर खरीदे बाकी 620 प्राइवेट टैंकर प्राइवेट माफियाओं को दिए गए हैं। केजरीवाल कहते थे पानी नल से दूंगा, टैंकर माफिया खत्म कर दूंगा, अब टैंकर 3 गुना कर दिए ठेकेदारों द्वारा सभी में घोटाला कर कमीशन लिया जाता है। 70 प्रतिशत दिल्ली टैंकर-ट्यूबवेल से पानी पी रही है। 

Post add

Leave A Reply

Your email address will not be published.