थार की 777 अनुसुचित जाति की दस्तकार महिलाएं बनी कम्पनी की मालिक

बाल मुकुंद ओझा
जयपुर । थार आर्टिजन्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहयोग हेतु प्रशासन हमेशा हर तरह की मदद के लिए तैयार रहेगा। यह बात नाबार्ड एवं श्योर के सहयोग से संचालित OFPO परियोजना के तहत गठित थार आर्टिजन्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड की वार्षिक आम सभा में बार्डर की दस्तकार महिलाओं को संबोधित करते हुए बाड़मेर के युवा जिला कलेक्टर लोकबंधु यादव ने कही।
यादव ने आर्थिक, मार्केटिंग एवं दस्तकारों को विभागीय लाभ दिलवाने का आश्वासन देते हुए कहा कि दस्तकार महिलाएं अपने हुनर, कला कौशल एवं तैयार उत्पाद से बड़े स्तर पर मार्केेंट से जुड़कर कम्पनी की अन्य दस्तकार महिलाओं के संर्वागिंण विकास हेतु अग्रसर हो। यादव ने श्योर एवं थार आर्टीजन्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड की महिलाओं से रूबरू होते हुए उनके द्वारा तैयार उत्पाद की प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए हस्तकला की मुक्त कंठ से प्रशंसा की एवं इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की बात भी कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्योर संस्था के अध्यक्ष रिखबदास जैन ने श्योर द्वारा पिछले 30 साल में किए जा रहे कार्यों, संस्थागत सोच के साथ थार आर्टीजन्स कम्पनी के द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए उपस्थित कम्पनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर व अंशधारकों को मार्केटिंग एवं अन्य सहयोग देने हेतु भरोसा दिलाया। श्योर की संयुक्त सचिव लता कच्छवाहा ने स्वागत भाषण के साथ संस्था वं कम्पनी के द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संस्था के संस्थापक पद्मश्री मगराज जैन ने पिछले 30 साल पूर्व जो सपना संजोया गया था कि दस्तकार महिलाएं खुद अपने काम की मालिक बने उन सपने को आज साकार एवं फलिफुत हुआ है इसके लिए उन्होंने नाबार्ड एवं  बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं अंशधारकों का भी धन्यवाद किया। कच्छवाहा ने कहा 100 से अधिक डिजाईन दस्तकार महिलाओं की स्वयं की थी जिसे और बेहतर बनाने हेतु कौशल एवं डिजाइन कार्यशालाओं का समय-समय पर आयोजन किया जिसे कम्पनी के माध्यम से और गति मिलेगी। कच्छवाहा ने कम्पनी के आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि डॉ. दिनेश प्रजापत, जिला विकास प्रबंधक ने उपस्थित दस्तकार महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती एवं पिछड़े दस्तकार महिलाओं को नाबार्ड द्वारा देश की यह पहली परियोजना सपना सजाया गया था जिसे सीमावर्ती 777 महिलाएं मिलकर कार्य को साकार कर रही है जो अपने आप में इस क्षैैत्र के लिए उल्लेखनिय कार्य है। डॉ. प्रजापत ने कम्पनी को आगे भी विभाग की ओर से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होने नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। रीजनल मैनेजर राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक नरेन्द्र खत्री ने बैंकिंग, बीमा, डिजिटल भुगतान, कम्पनी अधिनियम, कानून आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए दस्तकार महिलाओं को बैंकिंग योजनाओं को बिना बिचोलियां का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कम्पनी कीे बोर्ड आफॅ डायरेक्टर जरीना सियोल, छगनी देवी मेघवाल, दुरपता कंवर केलनोर, दरिया देवी गोहड़ का तला एवं शेयर होल्डर समझु देवी बुठ राठोड़ान, सुशीया देवी मते का तला, सोहजी देवी नवातला जेतमाल, हलु देवी बावड़ी कला ने कम्पनी के द्वारा किए जा रहे कार्याे पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर लोकबंधु यादव ने कम्पनी की पोश मशीन कम्पनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को सपूर्त की एवं कम्पनी के डिजिटल कैटलॉग को विमोचन किया। जिला कलेक्टर ने कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में चौहटन तहसीलदार गणेशा राम, नरेन्द्र कुमार कोषाध्यक्ष, महेन्द्र सिंह कच्छवाहा, हनुमान राम चौधरी, विनय कुमार वरिष्ठ वैज्ञानिक केविके, काना राम प्रजापत, अरविन्द शर्मा, जयन्त भोजिया डिजाईनर, मोहन लाल, ओसमान, अहदी खांन, धीरज, स्नेह लता, बाबु सिंह, तगा राम, छगनलाल, विशाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 150 अंशधारक महिलाएं उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर जरीना सियोल ने उपस्थित सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन हनुमान राम चौधरी ने किया

 

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