मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने छोड़ी राजनीति, भाजपा के टिकट पर मिली थी चुनावी हार

मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया है। केरल के मलप्पुरम में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं सक्रिय राजनीति छोड़ रहा हूं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं राजनीति से पूरी तरह से दूर रहूंगा। दरअसल, केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इससे श्रीधरन ने भाजपा जॉइन किया था। पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव में उन्हें पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी दिया गया था। हालांकि वह कांग्रेस विधायक शफी परम्बिल से 3,859 मतों के अंतर से हार गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद मुझे दुख हुआ लेकिन अब मैं दुखी नहीं हूं।
श्रीधरन ने यह भी कहा कि मैं एक राजनेता नहीं था क्योंकि मैं एक नौकरशाह हूं। मैं सक्रिय राजनीति में नहीं रहूंगा लेकिन मैं अन्य तरीके से भी लोगों की सेवा करता रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी उम्र 90 साल की है और इस उम्र में राजनीति में आना एक खतरनाक कदम था। हालांकि, मुझे राजनीति में आने के दौरान अच्छी उम्मीदें जरूर थी लेकिन अब मेरे अंदर राजनीति को लेकर कोई उत्हास नहीं बचा।
चुनाव से पहले ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन ने कहा था कि भाजपा द्वारा उन्हें दी जाने वाली किसी भी तरह की जिम्मेदारी को संभालने के लिए वह तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि पिछले 67 वर्षों तक मैं सरकारी नौकर था। कई लोगों ने मुझसे पूछा है कि इतने वर्षों के बाद में राजनीति में क्यों आया।67 वर्षों तक मैंने देश में कई परियोजनाओं के लिए काम किया।’’ राज्य में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कसारगोड से तिरूवनंतपुरम तक प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन द्वारा निकाली गई विजय यात्रा के समापन अवसर पर श्रीधरन ने कहा, ‘‘मैं अब भी ऊर्जावान हूं और अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल केरल के लिए करना चाहता हूं। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे पूरे उत्साह एवं ताकत से करूंगा।’’

 

 

 

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