भारत में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं

बाल मुकुन्द ओझा

विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है। विश्व पर्यटन दिवस 2021 की थीम “समावेशी विकास के लिए पर्यटन” है। समावेशी पर्यटन-विकास के जरिये समावेशी आर्थिक विकास को बल मिल सकता है। इसके लिए पर्यटन से समाज के हर तबके को जोड़ना चाहिए। पर्यटन आज दुनिया का सबसे बड़ा उद्योग बन गया है। इस मामले में भारत की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर, उसे पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाती है। आज भारत विभिन्न श्रेणी के पर्यटन के लिए जाना जाता है, जैसे कि साहसिक पर्यटन चिकिसा पर्यटन, पारिस्थितिकी पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, आदि।
पर्यटन दिवस को मानाने का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण आय उत्पादक है। पर्यटन देश और दुनिया की सभ्यता संस्कृति, सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों बढ़ाता है और उनका आदान-प्रदान करता है। पर्यटन के माध्यम से ही लोगो को एक दूसरे को समझने की समझ बढ़ती है। कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर के पर्यटक उद्योग को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है इनमें भारत भी शामिल है। कोरोना के चलते हजारों लाखों लोगों का रोजगार ठप है। पर्यटन क्षेत्र में साल भर से सन्नाटा पसरा हुआ है। विदेशी पर्यटकों की आवाजाही भी ठप है।
भारत में पर्यटन सबसे बड़ा सेवा उद्योग है। हमारा देश इस समय लगभग दो सौ दस अरब डॉलर का पर्यटन क्षेत्र का सबसे बड़ा सेवा उद्योग बन चुका हैै। इसका राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी ) में 6.23 प्रतिशत और रोजगार में 8.78 प्रतिशत योगदान है।
भारत एक ऐसा देश जहां एक से बढ़कर एक प्राकृतिक परिदृश्य देखने को मिलते हैं। यहां आकर आप ऐसी घाटियों और गांवों की सैर कर सकते हैं जिसे अब तक ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया गया है। पर्यटन की दृष्टि से भारत विश्व का एक अजब गजब देश है जहाँ समुद्र से लेकर जंगल और बर्फ से लेकर रेगिस्तान तक देखने को मिल जायेंगे। हरे-भरे घास के मैदान और पथरीली जमीन भी आपको यहीं मिल जाएगी। पर्यटन की दृष्टि से भारत में घूमने लायक कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती से आपका मन मोह लेंगी। देश की शान ताजमहल, कश्मीर, कन्या कुमारी, गोवा, केरल, जयपुर, दिल्ली, दार्जीलिंग, उत्तराखंड का पहाड़ी क्षेत्र आदि मंत्रमुग्ध करने वाले स्थल इसी देश में है। इंडिया गेट, हुमायूँ का मकबरा, कुतुब मीनार, बुलंद दरवाजा, लाल किला आगरा, चारमीनार, गेटवे ऑफ इंडिया, लोटस टैंपल, खजुराहो, साँची, हम्पी, अजंता की गुफाएं, एलोरा की गुफाएं उदयगिरि गुफाएँ इलौरा आदि देश के पर्यटन क्षेत्र बरबस आपको अपनी और खिंच लेते है। विविधता और प्राकृतिक सुन्दरता से भारत पर्यटन के लिए हर किसी की पसंदीदा जगह हैं। देश के पहाड़ी क्षेत्र गर्मियों के रिसॉर्ट्स बने रहते हैं। इनमें पचमढ़ी, अरकु, गुलमर्ग, श्रीनगर, लद्दाख, दार्जिलिंग, मुन्नार, ऊटी और कोडाइकनाल, शिलांग, शिमला, कुल्लू, मसूरी, देहरादून नैनीताल, गंगटोक आदि प्रमुख है।
आज आवश्यकता इस बात कि है कि भारत में पर्यटन को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिये समाज के हर तबके को इससे जोड़ा जाये । मगर यह तभी संभव है जब पर्यटन स्थलों को सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित बनाने के साथ आवागमन की सुविधा सुगम हो। हमारे देश में ऐतिहासिक विरासत, मेडिकल पर्यटन, धरोहर पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, रोमांचकारी गतिविधि पर्यटन, खेल पर्यटन के विकास की अपार और विपुल संभावनाएं हैं। एक आकलन के अनुसार पर्यटन उद्योग में 10 लाख रूपये का निवेश करने से लगभग 90 लोगों को रोजगार मिलता है जबकि कृषि क्षेत्र में लगभग 45 और विनिर्माण क्षेत्र में लगभग 13 लोगों को।
मोदी सरकार को भारत में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने का श्रेय दिया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता सँभालने के बाद पर्यटन पर फोकस किया। अपने भ्रमण के दौरान विदेश में भारत की सकारात्मक छवि बनाई। प्रधानमंत्री ने अपने विदेशी दौरों में वहां के नागरिकों को भारत की विविधिता पूर्ण संस्कृति का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। पर्यटन क्षेत्र में बंपर विकास के पीछे डिजिटल टेक्नोलॉजी का बड़ा योगदान है। रिपोर्ट के अनुसार टूरिज्म सेक्टर में डिजिटल क्रांति जारी है। इंटरनेट और डिजिटल तकनीकि की वजह से पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं पैदा हुई है। युवा ट्रैवल और टूरिज्म व्यवसाय से जुड़े नए-नए स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, यही वजह है कि इस सेक्टर में रोजगार के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं। फिक्की की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्मार्टफोन की संख्या बढ़ने और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से देश में युवा पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

(लेखक वरिष्ठ स्तम्भकार एवं पत्रकार हैं)

 

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