“आजादी का अमृत महोत्सव” कार्यक्रम के तहत “ पुस्तक प्रदर्शनी’ आयोजित

डॉ.प्रभात कुमार सिंघल

कोटा। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर 75 स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनियों पर लिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गयी । जिसका शुभारम्भ वयोव्रद्ध पाठक के.बी. दीक्षित ने दीप प्रज्जवलन कर किया । उन्होने इस अवसर पर प्रदर्शनी को देखने आये युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि – लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका महत्वपुर्ण है इन्हें इन महत्वपुर्ण ग्रंथो को पढकर देश के प्रति समर्पण भाव से काम करना चाहिये । देश हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये ।

स्वतंत्रता सेनानीयों की पुस्तकें

पुस्तक प्रदर्शनी मे भारत देश के स्वतंत्रता सेनानियों जिनमे -रानी लक्ष्मी बाई , लाल बहादुर शास्त्री,जवाहरलाल नेहरु, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय,चंद्रशेखर आजाद,सुभाषचंद्र बोस, मंगल पांडेय, भगत सिंह, भीमराव अम्बेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गाँधी, सरोजनी नायडू, बिरसा मूंडे, अशफाक़उल्ला खान, बहादुर शाह जफ़र, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, राम प्रसाद बिस्मिल सुखदेव थापर, शिवराम राजगुरु, खुदीराम बोस, दुर्गावती देवी (दुर्गा भाभी), गोपाल कृष्ण गोखले , मदन मोहन मालवीय, शहीद उधम सिंह,नाना साहेब, तांतिया टोपे, विपिन चन्द्र पाल, चित्तरंजन दास, राजा राममोहन दास, दादाभाई नौरोजी, विनायक दामोदर सावरकर, कस्तूरबा गाँधी, गोविन्द वल्लभ पन्त, रविन्द्रनाथ टैगोर, अबुल कलाम आजाद, रासबिहारी बसु, जय प्रकाश नारायण, मदन लाल ढींगरा, गणेश शंकर विघार्थी, करतार सिंह सराभा, बटुकेश्वर दत्त, सूर्या सेन, गणेश घोष, बीना दास, कल्पना दत्ता, एनी बीसेंट, सुबोध रॉय, अश्फाक अली एवं बेगम हज़रात महल समेत 75 स्वतंत्रता सेनानियों की पुस्तक प्रदर्शनी लगाई ।

युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों से रुबरु कराने के उद्देश्य से राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय मे 75 वें राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह मे “स्वतंत्रता सेनानी दार्शनिक विचारणा प्रभाग का शुभारंभ वयोव्रद्ध पाठक के.बी दीक्षित ने किया । जिसमे स्वतंत्रता सेनानी का साहित्य उपलब्ध कराया जा रहा है । भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के आदेशानुसार आजादी के अमृत महोत्सव के तहत इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है ताकि पाठक महात्मा गांधी साहित्य का अवलोकन एवं अध्ययन कर सके और स्वतंत्रता सेनानियों के विचार ,आदर्श व राष्ट्रहित मे किये योगदान के बारे मे जान सके ।

100 से ज्यादा पुस्तको का संग्रह

सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष शशि जैन ने बताया कि इस कार्नर पर स्वतंत्रता सेनानियों से जुडी करीब 110 पुस्तकें रखी गई है । इनमे बंगाल के क्रांतिकारी , मै भगत सिंह बोल रहा हुं , चन्द्रशेखर आजाद , शिवपुजन सहाय , क्रांतिकारी पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल , भारतीय स्वतंत्रता संग्रम मे महिलायें , कुवंर सिंह एवं 1857 की क्रंति , अमर शहीद अशफाक उल्लाह खां, स्वंत्रता सेनानी ग्रंथमाला , उधम शहीद सिंह एवं मोहनदास करमचंद गांधी , ऐसे थे बापु , गांधी : जीवन और दर्शन, गांधी आख्यानमाला , अहिंसादूत महात्मा गांधी , मोहन से महात्मा , खोज गांधी भी , सत्याग़्रह की संस्कृति , सत्य के प्रयोग , सयाग्रह विचार और युद्ध नीति , गांधीगिरी , बापू की करावास कहानी , कार्टुनो मे गांधी , सम्पुर्ण गांधी वांगमय : 64 खण्ड , गांधी – एज वी हेव नॉन हीम , दी अन- गांधीयन गांधी आदि किताबे पाठकों को पढने के लिये मिलेंगी ।

डा. दीपक कुमार श्रीवास्तव मण्डल पुस्तकालयाध्यक्ष ने बताया कि आज के युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों से रुबरु कराने की बेहद आवश्यक्ता है स्वतंत्रता सेनानियों के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक एवं अनुकरणीय है जितने अपने वक्त मे थे । हम लोगों को इस बात की जरुरत है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों का अनुकरण कर अच्छे समाज की स्थापना करें। जिससे भावी पीढ़ी यहां की संस्कृति व सभ्यता को आत्मसात कर सके। के.बी. दीक्षित ने कहा कि यह दिन आत्म चिंतन, आत्म मंथन एवं आत्म अवलोकन का है। नौजवानों को चाहिए कि वह अपनी शक्ति पहचाने और देश की एकता व सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक कदम उठाएं।

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