विदेशों में भी मना आजादी का जश्न, वतन को किया नमन

दुबई में आयोजित किया गया रक्तदान

@ chaltefirte.com                      पटना/ दुबई। देश की आजादी के 75 वें वर्ष पर आजादी का अमृत महोत्सव हर जगह मनाया गया। इसमें खास यह रहा कि विदेश में रहने वाले लोगों ने भी महोत्सव मनाया। इस आयोजन में देश प्रेम का अनोखा मंजर देखने को मिला। दुबई, कनाडा, अमेरिका में रहने वाले भारतीयों ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। कार्यक्रम भाजपा बिहार एनआरआई सेल के माध्यम से किया गया, जिसमें आरा के नवादा निवासी प्रख्यात समाज सेवी एनआरआई रवि शंकर चंद ने भी दुनिया के सामने देशप्रेम की मिशाल पेश की है। उन्होंने दुबई में कई आयोजन किए। साथ ही अपनी संस्था अम्बेडकर ग्लोबल डॉट कॉम के जरिए आरा में भी कार्यक्रम कराया।

अपनी संथा अम्बेडकर ग्लोबल डॉट कॉम के बैनर तले दुबई में आजादी के अमृत महोत्सव पर रक्तदान शिविर आयोजित कराया। इस आयोजन में करीब चार सौ भारतीय लोगों ने रक्तदान किया। बताया कि यह दुबई स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास के द्वारा भी समर्थित प्रोग्राम था। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच प्रगाढ़ दोस्ती के मक़सद से यह ब्लड डोनेशन कैंप किया गया, ताकि दुबई के विकास में भारतीय मूल के लोगों का योगदान हो सके और समाज में रक्तदान महादान का सन्देश जा सके। महोत्सव के अंतर्गत दूसरा कार्यक्रम दुबई में लेबर कैंप में 50 भारतीय श्रमिकों को अन्नदान और फ़ूड पैकेट्स वितरित किए गए।वहीं आरा में नई आशा संस्था के माध्यम से छोटे छोटे बच्चों के बीच कार्यक्रम कराया। इस दौरान अनाईठ मुसहर टोली के बच्चों के बीच वस्त्र,किताब और मिठाई का वितरण किया गया।

बता दें कि आंबेडकर ग्लोबल संस्था के रवि किसी परिचय के मोहताज नहीं है। कोरोना की पहली लहर में सैकड़ों प्रवासी भारतीय को स्पेशल चार्टर प्लेन से बिहार भेजने वाले रवि शंकर चंद दूसरी लहर में भी मदद को कूद पड़े थे। दूसरी लहर में आरा, बक्सर, रोहतास,गोपालगंज,राजगीर सहित कई जिलों में राहत सामग्री भेजी। साथ में ऑक्सीजन कंसीटेटर, ऑक्सिमीटर भेजा।आरा के लिए दो बार राहत भेजी गई। साथ में कोरोना से मरे लोगों के लिए दो माह का भोजन सामग्री भी वितरण कराया।

रवि शंकर चंद ने बताया कि अमृत महोत्सव करा कर लोगों को भारतीय होने का एहसास कराया गया। देश की सेवा और समाज सेवा मेरा जुनून है। भारत के करीब 20 लाख श्रमिक जिसमें दो लाख बिहारी है उनसे हमारा सीधा संबंध है। समाज में अपनी जिम्मेदारियों को श्रमिकों के साथ जुड़कर और उनकी समस्याओं का समाधान करने का जज्बा हमेशा से रहा है। यहीं कारण है कि मैं हमेशा अपनी संस्था द्वारा मजदूरों की मदद करता हूं।

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