स्वतंत्रता दिवस तुम्हें प्रणाम

मंगल व्यास भारती

हमारे लिए 15 अगस्त सिर्फ एक तारीख ही नहीं बल्कि आजादी के जश्न का दिन है। यह सिर्फ एक त्यौहार ही नहीं अपितु हमारी अस्मिता का प्रतीक है। इसलिए हे स्वतंत्रता दिवस तुम्हें कैसे भूले, तेरी आँखों में ही उन शहीदों की कुर्बानी तेरे इस झंडे में बसी हुई हैं जो हर साल हर बार यादें ताजा करती रहती हैं। धरती माँ की गोद आज भी लाल खून से सनी हुई दिखाई देती हैं जो कि हमें उन बलिदानों की कहानियां धरती के कण कण से आवाज दे कहती हैं। मेरे सुभाष चंद्र बोस मेरे भगतसिंह जैसे सपूत मेरी आन बान की शान बन मुझे आजादी की वो सुनहरी किरण दिखाई। जिन्होंने अपनी जिंदगी मेरे आचँल में समर्पित कर उम्रभर सेवा की। अपना भविष्य देश के लिए न्यौछावर कर दिया उसी समय की कहानी मेरा तिरंगा फहरा कहता आया हैं।
देश की आजादी के लिए हमारे देश भक्त शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। लगभग सौ वर्षो के निरंतर संघर्ष के बाद देश को आजादी प्राप्त हुई। यह आजादी हमें 15 अगस्त 1947 को प्राप्त हुई। इस लिए यह दिवस भारतीयों के लिए इतिहास में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं। इस दिन हमने अंग्रेजी शासन से मुक्ति पाई थी। इस दिवस को मनाने के मूल में प्रमुख कारण देश को आजादी दिलाने में जिन लोगों ने अपने बलिदान की आहुति दी उन्हें श्रद्धाजंलि देना तथा यह दिवस हमेशा हमारी संस्कृति के लिए शपथ ग्रहण करना बन गया हैं। इसीलिए प्रतिवर्ष 15 अगस्त के रूप में यह दिवस राष्ट्रीय पर्व के रूप में सम्पूर्ण देश में मनाया जाता हैं। यह राष्ट्रीय पर्व देशवासियों द्वारा द्बारा धूम धाम से मनाया जाता हैं। विधालय एवं महाविद्यालयों में भी इस दिन झंडा फहरा कर देश भक्ति के विभिन्न रोचक कार्यक्रम किये जाते हैं।मिठाइयां बाँटी जाती हैं। पूरा भारत इस दिन देश भक्ति से सरोबार हो जाता हैं । लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने प्रधानमंत्री महोदय उपस्थित जनसमूह को समबोधित करते हुए भाषण देते हैं। राष्ट्रपति इस अवसर पर विशिष्ट सेवाओं एवं महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनेक व्यक्तियों को विशिष्ट पुरस्कारों से सम्मानित करते हैं।रात्रि के समय शहरों और राज्यों की राजधानियों में रोशनी की जाती हैं। भारतीय इतिहास में यह दिन हमेशा अमर रहेगा। कोरोना ने सार्वजनिक उत्सव में खलल अवश्य डाला है मगर हम जहाँ भी है देश के लिए जान न्योछावर करने वाले वीरों को याद कर अपनी श्रद्धांजलि देंगे। यह देश उन सभी नामों को शत-शत प्रणाम करता है जिन्होंने हमारे देश को आजाद कराने में मदद की है।

 

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