टीएमयू के एमसीए प्रोग्राम में होंगे अब 5 स्पेशलाइज़ेशन्स

@ chaltefirte.com                 मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग साइंसेज – एफओईसीएस में पांच स्पेशलाइज़ेशन्स के साथ एमसीए प्रोग्राम को टीएमयू एक्ज़ीक्यूटिव काउंसिल ने हरी झंडी देदी है। अब स्टुडेंट्स एमसीए प्रोग्राम में सॉफ्टवेयर डवलपमेंट,मशीन लर्निंग,नेटवर्क टेक्नॉलॉजीज़,डेटा साइन्स एंड एनालिटिक्स और एडवांस्ड टेक्नॉलॉजीज़ जैसे पांच स्पेशलाइज़ेशन्स में महारथ हासिल कर सकते हैं। एफओईसीएस के निदेशक प्रो. आर. के. द्विवेदी ने यह जानकारी देते हुए कहा, स्नातक छात्रों के लिएसॉफ्टवेयर डवलपमेंट, मशीन लर्निंग, नेटवर्क टेक्नॉलॉजीज़, डेटा साइन्स एंड एनालिटिक्स और एडवांस्ड टेक्नॉलॉजीज़ जैसे प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्रों में करियर सँवारने का यह एक सुनहरा अवसर है।

सॉफ्टवेयर डवलपमेंट स्पेशलाइज़ेशन में जावा, वेब टेक्नॉलॉजीज़, पाइथन, डॉट नेट यूजिंग सी, एएसपी डॉट नेट के अलावा एंड्रॉइड प्रोग्रामिंग, आर प्रोग्रामिंग, जूलिया, रूबी जैसी एडवांस्ड कंप्यूटर लैग्वेजेज़ भी शामिल हैं। मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल सोशल मीडिया, ट्रांसपोर्टेशन एंड कम्प्यूटिंग, रोबोटिक्स, प्रॉडक्ट रिकमेण्डेशन्स, सेल्फ ड्राइविंग कार, गूगल ट्रांसलेटर जैसे कई बड़े क्षेत्रों में हो रहा है। दरअसल, मशीन लर्निंग तकनीक मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही एक पार्ट है। नेटवर्क टेक्नॉलॉजीज़ में विशेषज्ञता ऐसे पेशेवर तैयार करेगी, जो नेटवर्क प्रशासक, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, नेटवर्क सुरक्षा विशेषज्ञ, क्लाउड नेटवर्किंग आर्किटेक्ट के रूप में योगदान दे सकते हैं। नेटवर्क टेक्नॉलॉजीज़ विशेषज्ञता से मुख्य रूप से इन्फोर्मेशन सिक्योरिटी और नेटवर्क सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स तैयार होते हैं , जिनकी कंपनियों में बहुत मांग है।

डेटा साइंस एक बहु आयामी विज्ञान है। हम और आप एक ऐसी दुनिया का हिस्सा हैं, जहां एक दिन में कई टन डेटा रिलीज हो रहा है। ऐसे में भारी संख्या में डेटा साइंटिस्ट की डिमांड है। विभिन्न कंपनियों में एडवांस्ड एनालिटिक्स और ऑप्टिमाइजेशन कंसल्टेंट, डेटा एनालिटिक्स,डेटा मैनेजर और डेटा साइंटिस्ट के तौर पर अपनी कुशलता को दिखाने का अवसर मिल सकता है। एडवांस्ड टेक्नॉलॉजीज़ की विशेषज्ञता में क्वांटम कंप्यूटिंग, एनएलपी, ब्लॉकचैन और स्पार्क के क्षेत्र शामिल हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग परंपरागत कंप्यूटरों को एक नए क्षेत्र में विस्तारित करेगी ,जो कठिन और जटिल गणनाएँ करने में सक्षम होंगे। यदि क्वांटम कंप्यूटिंग का उपयोग करके सशक्त सुपर कंप्यूटर बनाए गए तो डेटा सुरक्षित रखने का तरीका, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का भविष्य बदल जाएगा।

Post add

Leave A Reply

Your email address will not be published.