नये भारत की नई पहचान नीरज चोपड़ा

देवानंद राय

“द्वंद कहां तक पाला जाए, युद्ध कहां तक टाला जाए, तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए, दोनो तरफ लिखा हो भारत, सिक्का वहीं उछाला जाए।


इन दिनों पूरा भारत वाहिद अली वाहिद की इन पंक्तियों को गुनगुना रहा है सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है ऐसा लगता है कि वाहिद अली वाहिद ने जब यह पंक्तियां लिखी होंगी तब लोगों ने इतनी नहीं पढ़ी और गुनगुनायी होंगी जो इन दिनों इतनी ज्यादा गुनगुना ही जा रही हैं गाया जा रही है सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ पोस्ट किए जा रहे हैं बात ही कुछ ऐसी है पानीपत के लाल ने ऐसा भाला फेंका है कि जो सीधे जाकर गोल्ड पर लगा है भारत ने एक नया इतिहास रच दिया 87.58 मीटर का थ्रो का नीरज चोपड़ा ने गोल्ड अपने नाम कर लिया और देश को एक “गोल्डन स्माइल” भेंट की इस बार ओलंपिक में भारत नए रंग में दिखा हमने इस बार छः अलग-अलग खेलों में मेडल जीता है यह एक नए क्षेत्रों में उभरते प्रतिभा का कमाल है। अन्यथा हमारा पारंपरिक क्षेत्र हॉकी और कुश्ती तक ही सीमित था सरकार को अब इन क्षेत्रों पर भी ध्यान देना चाहिए तथा कुछ और क्षेत्र जहां पर हम बेहद मामूली अंतर से पिछड़े हैं जैसे गोल्फ, फेंसिंग, सेलिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है इन खेलों पर अगर विशेष ध्यान दिया जाए तो हम उम्मीद करते हैं कि 2024 के पेरिस ओलंपिक में पदक ला सकते हैं पानीपत के लाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पानी पिला दिया और गोल्ड अपने नाम कर लिया। अब से इस देश में जेवलिन थ्रो का दूसरा नाम नीरज चोपड़ा होगा और होना भी चाहिए उन्होंने अपने मेहनत और लगन से हमेशा देश का नाम रोशन किया है वही बजरंग पुनिया ने भी कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया देश को अपने इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर नाज है। नीरज चोपड़ा का जब मैच चल रहा था तब करोड़ों लोग टकटकी लगाकर टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर देख रहे थे उन्हें नीरज के पहले प्रयास से ही गोल्ड का अक्स नजर आने लगा था। फिर लोगों की दुआएं होने लगी और आखिरकार दुआ काम आई नीरज ने गोल्ड जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया इस गोल्ड की खुशी में आम आदमी से लेकर क्रिकेटर और एक्टर तक भी शामिल हुए अपने जमाने में लिटिल मास्टर के नाम से मशहूर सुनील गावस्कर ने तो खुशी में गाना गाने लगे “मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती मेरे देश की धरती” क्रिकेटरों का अन्य खेलों के प्रति यह प्रेम देखना अत्यंत सुखद है और यही तो खेल भावना है जो खेल को जीवंत बनाती है। इस समय पूरा हरियाणा में जश्न का माहौल है सात में तीन मेडल तो अकेले हरियाणा के नाम है जो कि हरियाणा के लिए बहुत गौरव की बात है। नीरज ने अकेले मेडल टैली में भारत को 19 क़दमों उपर ले आए। और भारत अंडर फिफ्टी में शामिल होकर 48वें स्थान पर रहा।ओलंपिक के 16वें दिन जब जन-गण-मन बजा और तिरंगा सबसे ऊपर लहराया तो वह पल उत्साह उमंग और भावुकता से भर देने वाला था। 121 साल बाद एथलेटिक्स में भारत के नाम गोल्ड आया है वहीं इस स्पर्धा में दूसरे स्थान पर रहे चेक गणराज्य के जाकुब वेदलेच जिन्होंने 86.67 मीटर थ्रो किया तो चेक गणराज्य के ही वितेस्लाव वेसेली 85.44 मीटर थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। भारत के लिए यह सबसे सफल ओलंपिक रहा क्योंकि हमने सात मेडल जीतकर “सेवन स्टार” बन गए वहीं 2012 में हम 6 मेडल जीते थे तो 2008 में पहली बार व्यक्तिगत स्पर्धा में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था नीरज ने अपना मेडल फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह को समर्पित किया है जो 1960 के ओलंपिक में मेडल जीतने से चूक गए थे और चौथे स्थान पर रहे थे तो उड़नपरी के नाम से मशहूर पीटी उषा भी 1984 में चौथे स्थान पर रही थी। कुश्ती में 1952 में पहला पदक जीतने वाले खाशाबा दादासाहेब जाधव थे जिन्हें हम प्यार से केडी जाधव बुलाते हैं 1952 के हेलिसिंकी के ओलंपिक में खुद के खर्चे पर गए थे। हेलसिंकी फिनलैंड की राजधानी है जो एक अन्य कारण से भी प्रसिद्ध है जलवायु परिवर्तन के लिए प्रसिद्ध प्रोटोकॉल मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल जिसे दुनिया का सबसे सफल प्रोटोकॉल कहा जाता है जो 1 जनवरी 1989 से प्रभावी हुआ था उसके बाद पहली बैठक मई 1989 में हेलसिंकी में ही आयोजित हुई थी। 1952 के ओलंपिक में केडी जाधव के मदद मांगने पर महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने यह तो कहा था कि ओलंपिक के बाद मिलना उस वक्त खेलों के प्रति उदासीनता ही हमें पीछे ले गई फिर भी केडी जाधव ने ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया ।1948 के ओलंपिक में वे छठे स्थान पर रहे थे। नीरज ने भारत को एक सदी भर का इंतजार को खत्म कर दिया। क्वालीफाइंग राउंड से ही शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े इस बार का अगस्त का महीना हमारे देश के लिए बेहद खास है एक और हम कुछ दिन बाद अपनी आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनाएंगे तो वहीं इसी अगस्त माह में हमारे देश में 121 साल बाद एथलेटिक्स में गोल्ड जीतकर पूरे देश को “गोल्डन मुस्कान” दी है तो वहीं 9 अगस्त को भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया इतिहास रचते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री ने किया ऐसा करने वाले वे प्रथम प्रधानमंत्री हैं।सब कुछ एक सुनहरे भविष्य की ओर इशारा करता है कि आने वाला समय भारत का होगा। जैसा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज चोपड़ा ने कहा कि उनका लक्ष 90 मीटर थ्रो करना है तथा बजरंग पुनिया का अगला लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड लाना है साथी खिलाड़ी जो मामूली अंतर से रह गए उन सभी को उनके आगामी लक्ष्य के लिए ढेर सारी बधाइयां। आप सभी ऐसे ही भारत का नाम रोशन करते रहे सभी ओलंपियनयों को ढेर सारी शुभकामनाएं।

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