स्तनपान शिशु के सर्वांगीण विकास का स्रोत है: डॉ विजय सरदाना

डॉ.प्रभात कुमार सिंघल,कोटा

कोटा। “स्तनपान सुरक्षा-किसकी जिम्मेदारी” थीम पर आधारित विश्व स्तनपान सप्ताह का रविवार किशोर सागर तलाव पर बारहद्वारी में विचार-गोष्ठी के साथ शुभारंभ हो गया। शिशुओं में जन्म के समय स्तनपान, जन्म के छः महीने में लाभ व डिब्बा बन्द दूध-आहार को न्यूनतम करने जैसे विषयों को लेकर विचार गोष्ठी में चर्चाएँ रही। बीपीएनआई (ब्रेस्टफीडिंग प्रमोशन नेटवर्क ऑफ इंडिया) , भारतीय शिशु अकादमी हाड़ौती सोसाइटी व अन्य संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह के संयोजक व बीपीएनआई के राष्ट्रीय सदस्य व वरिस्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सी बी दास गुप्ता के अनुसार आयोजन के मुख्य अतिथि व मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल व कंट्रोलर डॉ विजय सरदाना थे। उन्होंने अतिथि उदबोधन में कहा कि स्तनपान माँ-शिशु का भावनात्मक रिश्ता मजबूत करता है। जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमताएँ विकसित करता है। उन्होंने बच्चों के 2 वर्ष तक माँ के दुग्धपान की प्रवृत्ति पर बल देते हुवे कहा कि ये बच्चे के मस्तिष्क के समग्र विकास के लिये अतिमहत्वपूर्ण है, इसे माँ बच्चे के हितों के लिए कभी नज़रअंदाज़ ना करे । आयोजन की अध्यक्षता करते हुवे डॉ सतीश खंडेलवाल संयुक्त निदेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने कहा स्तनपान को लेकर आज भी हमारे शहर में कई भ्रांतियां है जिस पर अधिक तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। स्वमसेवी संस्थाओं को ग्रामीण अंचल में आंगनबाड़ी व खेतीहर महिलाओं के बीच पहुँचकर उनके क्षेत्र में जनजागृति फ़ैलानी होंगी। विशिष्ट अतिथि वयोवृद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ एन के जोशी ने कहा माँ की शिक्षा गर्भधारण के समय से प्रारंभ हो जानी चाहिये ताकि शिशु जन्म पर ही स्तनपान की पहल संस्कार बन जाये। मुख्य संयोजक डॉ सी बी दास गुप्ता ने कहा डिब्बाबंद आहार को रोकने के लिए बने कानून (आईएमएस एक्ट )का बोध आमजन को अधिक प्रभावशाली ढंग से करवाने की आवश्यकता है, इसमे सोशल मीडिया का उपयोग सबसे प्रभावशाली हो सकता है, अज्ञानता का फायदा उठाकर कंपनियां बच्चों के मानसिक व शारारिक विकास के साथ खिलवाड़ कर रही है। मौक़े पर आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ अशोक शारदा, जे के लोन से डॉ ममता शर्मा , डॉ दीपेंद्र शर्मा, बीपीएनआई के सदस्य डॉ जितेंद्र पराशर, डॉ जी सी जैन, डॉ समीर मेहता, स्वास्थ सेवा संघठन के डॉ टी सी आचार्य व डॉ आर एस गुप्ता ने अपने विचार रखें।

चीफ प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर व चाइल्ड लाइन के यज्ञदत्त हाड़ा के अनुसार स्तनपान के लिए माताओ को जागरूक करने हेतु प्रशिक्षण, वर्तुअल सेमिनार, विचार गोष्ठी, कार्यशालायें व प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। साप्ताहिक कार्यक्रम के संयोजन हेतु डर एकात्म गुप्ता व समाजसेवी भुवनेश गुप्ता को संयोजक बनाया गया है। अंत मे भारतीय शिशु अकादमी हाड़ौती शाखा के अध्यक्ष डॉ विजय न्याति ने सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियो का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी भुवनेश गुप्ता व यज्ञदत्त हाड़ा ने किया।

 

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