अजमेर संभाग में कोरोना जंग में मिल रही कामयाबी

राजस्थान ब्यूरो

जयपुर। अजमेर छोटी छोटी पहाड़ियों से आच्छादित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से मज़बूत संभाग है।  ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह की वजह से अजमेर

की प्रसिद्धि विश्व विख्यात है।अजमेर संभाग में अजमेर सहित भीलवाड़ा, टोंक और नागौर जिले शामिल है। कोरोना महामारी के दौरान अजमेर संभाग में प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए आमजन को सावचेत किया और विभिन्न सरकारी और स्वयंसेवी संगठनों की मदद से  पीड़ितों को राहत पहुंचाई। इस दौरान भीलवाड़ा मॉडल देशभर में छाया रहा। नेहरू युवा केंद्र संगठन राजस्थान ने कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए अपने संगठन को ग्राम्य स्तर पर सक्रीय कर सेवाभाव की एक मिसाल कायम की। नेहरू युवा केंद्र के राज्य निदेशक डॉ भुवनेश जैन ने बताया की उनके राष्ट्रीय स्वयं सेवक और युवा मंडलों के अध्यक्षों ने गांवों का मोर्चा संभाला और स्थानीय प्रशासन से तालमेल बैठाकर कोरोना जंग से ग्रामीणों को मुक्ति दिलाने में हर संभव सहयोग दिया और आज भी अपने कार्य मुस्तैदी से कर रहे है।

अजमेर के युवा समन्वयक शरद त्रिपाठी ने बताया कि  25 वर्षीय गुलज़ार श्रीनगर ब्लॉक के दोराई ग्राम की यूथ लीडर है। हमारे लिये प्रेरणा की स्त्रोत है| लॉकडाउन के  पांचवे दिन से आपने निर्णय लिया की आप खाद्य सामान वितरण की जिम्मेदारी लेना चाहते है | आपका एक बेटा है उससे दूरी बनाये रखते हुए तालाबंदी काल में आपने 50 दिनों तक लगातार अपनी सेवाए जनहित में जारी रखी | गुलज़ार ने दूर दराज़ की बस्तियों तक जा कर खाने के सामान को वहा के लोगो तक उपलब्ध कराया है और अरावली पर्वत से घिरे अजमेर की कच्ची बस्तियों को विशेष रूप से  प्राथमिक्ता दी | गुलज़ार ने न केवल स्वयंसेवा के माध्यम से हमें प्रेरणा दी है बल्कि अन्य लडकियों के लिये भी प्रेरणा स्त्रोत है | आप उन युवा में शामिल है जो हमें प्रेरणा देते है। भागचंद भील भिनाय में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे है | भागचंद आदिवासी समुदाय से तालुक रखते है और 2 बीघा की जोत रखने वाले लघु एवं सीमान्त किसान के परिवार से आते है | आर्थिक स्थिति  कमजोर होने के बावजूद भागचंद अनुशासित है और मजबूत होसला रखते है | भागचंद ने तालाबंदी काल में लगभग 20 मीटर कपडे के मास्क बनवा कर अपने गाव में बटवाये और साथ ही लगभग 80 परिवारों तक भोजन सामग्री उपलब्ध करवाई | अभी वर्तमान में जिन ग्रामीणों के पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें राशन सामग्री दिलवाने में मदद कर रहे है |

भीलवाड़ा देश के उन जिलों में शामिल है जहाँ कोरोना को काबू करने में सफलता मिली थी।  भीलवाड़ा मॉडल देशभर में चर्चित हुआ था। नेहरू युवा केंद्र के युवा समन्वयक सुमित यादव न बताया  ब्लॉक कोटड़ी के राष्ट्रीय स्वयं सेवक दिनेश कुमार धाकड़ और सुनील कुमार भाटी अध्यक्ष नेहरू युवा मंडल बरसनी ब्लॉक आसींद ने इस दौरान लोगों को जागरूक करने के साथ बचाव, उपचार और सहायता के कार्यों में आगे बढ़कर हाथ बंटाया। जरूरतमंदों को भोजन और मास्क वितरण, नारा लेखन, दवा छिड़काव ,ऑनलाइन मुहीम पोस्टर पेम्फलेट वितरण, पक्षियों के लिए परिंडे आदि कार्य  किये। साथ ही स्थानीय प्रशासन से तालमेल बैठाकर विभिन्न कार्यों को सम्पादित किया।  सेवा कार्यों में सांवरलाल धाकड़, रवि छिपा, सीमा कुमारी बैरवा, मुकेश जाट और नितेश धाकड़ तथा श्याम लाल धाकड़ ने सहयोग दिया।

टोंक के  युवा समन्वयक हितेश कुमार ने बताया की मालपुरा के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक नरेन्द्र कुमार वर्मा और नेहरू नवयुवक मंडल उखलाना अध्यक्ष देशराज मीणा लॉक डाउन के दौरान किये कार्य से युवाओं के प्ररेणा स्त्रोत बने। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों राशन सामग्री,  मास्क, सैनेटाइजर वितरण , दीवार पेन्टिंग, नारा लेखन, पम्पलेट वितरण व्दारा लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक किया। परिण्डा अभियान के तहत् 551 परिण्ड़े लगायें। आरोग्य सेतु, आई गोट ऐप पर सैकड़ों लोगों का रजिस्ट्रेशन किया। ई पोस्टरों, विडियों लोगों को जागरूक किया।

नागौर की युवा समन्वयक सुरमयी शर्मा ने बताया  सुरजाराम, राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक,पंचायत समिति, नागौर और नागौर के यूथ लीडर सागर राम भादू द्वारा कोरोना महामारी मे गरीब मजदूरों एवं जरूरतमंदों, जिनके काम धंधें बंद हो, उनको दो माह के लिए खाद्य सुरक्षा मे नाम जोडने , आनलाईन निःशुल्क आवेदन  स्क्रीनिंग करके होम आइसोलेट करवाना जैसे कार्यों के साथ आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाना, जरूरतमंद एकल नारी व विधवा महिलाओं को खाद्य सामग्री वितरण करवाना। सैनेटाईजर स्टेण्ड बनवाकर लगवाना ,कोरोना वारियर्स की टीम तैयार करवाना आदि  कार्य कुशलता पूर्वक किये गए।  इसके अलावा देशी कपडे से बने मास्क वितरित करवाए। महानरेगा योजना मे रोजगार के लिए लोगों की मदद करना, जिनके जाब कार्ड नहीं, उनके जाब कार्ड बनवाने मे मदद करना और कोरोना महामारी के समय आये टिड्डी दल से किसानों को जागरूक करने जैसे कार्य तत्परता से किये।

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