मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

पटना।मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण एवं जल संसाधन विभाग की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड अंतर्गत गंडक नदी के सत्तरघाट पर 263.48 करोड़ से नवनिर्मित उच्चस्तरीय आर0सी0सी0 पुल का तथा लखीसराय जिलान्तर्गत चानन प्रखंड में 146.25 करोड़ की लागत से लोवर किउल नदी घाटी सिंचाई योजना के आधुनिकीकरण कार्य के अंतर्गत कुंदर बराज निर्माण योजना एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड में 4 अदद सिंचाई योजनाओं का उद्घाटन तथा लखीसराय बाईपास (रेलवे ऊपरी पुल सहित) का लोकार्पण किया। साथ ही रोहतास जिलान्तर्गत 122.39 करोड़ की लागत से सासाराम बाईपास (बेदा से मोकर तक) का शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखीसराय बाईपास के निर्माण होने से आवागमन में लोगों को अब और सहूलियत होगी। सासाराम बाईपास फेज-1 का शिलान्यास किया गया है, जिसका निर्माण पूर्ण होने के उपरांत वहां के लोगों को भी जाम से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कुंदर बराज के निर्माण एवं 4 अदद सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण कार्य से न सिर्फ 5251 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का पुर्नस्थापन होगा बल्कि 6926 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन भी होगा। उन्होंने कहा कि हमलोग न सिर्फ योजनाओं का शिलान्यास करते हैं बल्कि उसके निर्माण कार्य की समीक्षा भी करते हैं और कार्यस्थल पर जाकर उसका मुआयना भी करते हैं ताकि गुणवत्तापूर्ण कार्य ससमय पूर्ण हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क का सिर्फ निर्माण नहीं करना है बल्कि उसका मेंटनेंस भी निरंतर करते रहना है। सड़कों की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिये। उसका निरंतर मेंटनेंस होना चाहिये। हम स्टैंडर्ड सड़कें बनाने के पक्ष में हैं। सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ-साथ उनकी मेंटेनेंस की भी नीति बनायी गई है। ओ0पी0आर0एम0सी0 की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष कर दी गई है।  बिहार के सुदूरवर्ती इलाके से सड़क मार्ग द्वारा 6 घंटे में राजधानी पटना पहुंचने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है और 5 घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। इसके लिए सड़कों का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, अनेक पुल-पुलियों के निर्माण के साथ-साथ एप्रोच सड़कों का निर्माण लगातार कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006-07 से 2009-10 तक 6735 कि0मी0, वर्ष 2009-10 से 2014-15 तक 9913 कि0मी0, 2015-16 से 2019-20 तक 10287 कि0मी0 राज्य उच्च पथों एवं वृहत जिला पथों का निर्माण तथा उन्नयन कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार में आने के बाद वर्ष 2005 से 1 लाख 15 हजार 228 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का भी निर्माण तेजी से कराया जा रहा है, जिसमें 96 हजार 223 कि0मी0 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 19 हजार 223 कि0मी0 का निर्माण कार्य जारी है। वर्ष 2006 तक मात्र 835 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2006 से 2009-10 तक 16,057 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक 40,496 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है। वर्ष 2015-16 से अब तक 38,835 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़कों एवं पुलों के बेहतर गुणवत्ता के साथ निर्माण और उसका निरंतर मेंटेनेंस हमलोगों की महत्वपूर्ण नीति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हरेक गांव तथा टोलों को पक्की सड़कों से लगातार जोड़ा जा रहा है। साथ ही हरेक गांवों में पक्की गली एवं नाली का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा कई जरुरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में बाईपास की जरुरत है उसके लिए विभाग आंकलन कर कार्य करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों के बेहतर निर्माण से इको टूरिज्म को बढ़ावा मिला है। कृषि कार्य तथा व्यापार में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत गंगा नदी के जल को अपलिफ्ट कर गया, बोधगया, नवादा एवं राजगीर में इसकी शुद्ध पेयजल के रुप में आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगली बार काम करने का मौका मिला तो हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी जरूर उपलब्ध करा देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखीसराय जिला अंतर्गत बड़हिया से खुटहा होते हुये एन0एच0-80 तक 23.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु 50 करोड़ रूपये का डी0पी0आर0 तैयार कर लिया गया है। इस सड़क का निर्माण कराया जायेगा। इस सड़क के निर्माण से लोगों को बड़हिया से सूर्यगढ़ा जाने में काफी सहूलियत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने लॉकडाउन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सजगता से करते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति जागरुकता का प्रदर्शन किया। साथ ही पदाधिकारियांे ने भी ऐसी परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निवर्हन किया है।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री  सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, जल संसाधन मंत्री  संजय झा, जबकि कार्यक्रम स्थल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री सह पूर्वी चंपारण के प्रभारी मंत्री  विनोद नारायण झा, सांसद  राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विधायक  अशोक कुमार ने संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री  प्रेम कुमार, स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पांडेय, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री जय कुमार सिंह, समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह, श्रम संसाधन मंत्री  विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री  राणा रणधीर सिंह, एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।

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