रफ्तार पकड़ती देश की अर्थव्यवस्था

डॉ मोनिका ओझा खत्री

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर प्रतिदिन खबरों का बाजार गर्म रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना कहर से मुक्ति की ओर देश निरंतर बढ़ रहा है और विभिन्न देशी और विदेशी एजेंसियों के मुताबिक अर्थ व्यवस्था में तेजी से सुधार की आशा बलवती होती जा रही है। इसी के साथ रफ्तार पकड़ रही है देश की अर्थव्यवस्था।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक वित्त वर्ष 2023 और 2025 के बीज भारत की औसत जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो इसके पहले के 3 वर्षों के 5.8 प्रतिशत के औसत की तुलना में ज्यादा है। क्रिसिल ने कहा है कि यह वृद्धि दर एक दशक के दौरान हुई औसत 6.7 प्रतिशत वृद्धि दर की तुलना में कम रहेगी क्रिसिल के मुताबिक, वृद्धि के बावजूद वित्त वर्षों 2022 से 2025 के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को जीडीपी के 11 प्रतिशत का स्थाई नुकसान होगा। वास्तविक हिसाब से वित्त वर्ष 2020 की तुलना में अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था का आकार महज 2 प्रतिशत बढ़ेगा। उम्मीद है कि भारत की अर्थव्यवस्था चल रहे वित्त वर्ष में 8 प्रतिशत संकुचित होगी और अगले वित्त वर्ष में वृद्धि 11 प्रतिशत रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 11.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
23 जनवरी, 2018 को पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024-25 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को पाँच ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने की अपने महत्वाकांक्षी सपने को सार्वजनिक किया था। प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए 2018-19 का आर्थिक सर्वे तैयार किया गया था, जिसमें उम्मीद जताई गई थी कि 2020-21 से लेकर 2024-25 तक भारत की अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगी। यह माना गया था कि जीडीपी में औसत वृद्धि दर 12 प्रतिशत के आसपास होगी जबकि महंगाई की दर चार प्रतिशत रहेगी। देश की अर्थव्यवस्था बढ़ोतरी के रास्ते पर आ गई है. कृषि, सेवा और निर्माण क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के चलते चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) यानी विकास दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले, कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिये लगाए गए ‘लॉकडाउन’ के बीच लगातार दो तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में गिरावट दर्ज की गई थी।
वित्त मंत्रालय का मानना है चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन आठ प्रतिशत की गिरावट के अनुमान से बेहतर रहेगा। वित्त मंत्रालय ने कहा कि महामारी में गिरावट के रुख में ठकराव तथा टीकाकरण शुरू होने के बाद अब आर्थिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोविड-19 संक्रमण के ग्राफ में गिरावट की रफ्तार में हल्के ठहराव के बाद भी गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ी है और उपभोक्ताओं का सुधरता आत्मविश्वास नहीं डिगा है। टीकाकरण अभियान के बाद उपभोक्ताओं की धारणा सुधरी है।

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