कोरोना के वार से उबर रहा पर्यटन कारोबार

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस - 25 जनवरी

बाल मुकुन्द ओझा

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस प्रति वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देना है ताकि लोग पर्यटन के महत्व और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक हो सके। कोरोना महामारी ने देश और दुनिया के पर्यटन का चमन उजाड़ कर रख दिया है। 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस ऐसे समय मना रहे है जब पर्यटन और इससे जुड़े उद्योगों के करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए है और उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट उपस्थित हो गया है। बहुत से ऐसे देश हैं, जिनकी टूरिज्म इंडस्ट्री पर बड़ी निर्भरता है। दुनिया भर में इस क्षेत्र से करोड़ों लोगों को नौकरियां मिलती हैं। पर्यटन स्थल लोगों की आवाजाही के अभाव में सूने पड़ है। कोरोना का प्रभाव थमने से अब सैलानी आने लगे है पर वे अभी सहमे हुए है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में वहां का पर्यटन उद्योग रीढ़ की हड्डी होता है। उस क्षेत्र में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों से ही वहां के सभी उद्योग संचालित होते हैं। माहमारी के चलते भारत की टूरिज्म इंडस्ट्री को वर्ष 2020 में 1.25 ट्रिलियन के रेवेन्यू का घाटा होने वाला है। कोरोना वायरस की वजह से रेल और हवाई यातायात अभी सुचारु नहीं हुआ है।
साल 2020 में कोरोना संकट के चलते देश और दुनिया के लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह साल लगभग सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण देशभर के पर्यटन उद्योग पर गहरा प्रभाव पड़ा है। लेकिन अब राहत की बात ये है कि धीरे धीरे ही सही अब सैलानियों की रौनक बढ़ने लगी है जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार पटरी पर लौट आएगा। इस दौरान पर्यटन उद्योग रफ्तार तो पकड़ने लगा है, लेकिन इसमें तेजी आना बाकी है। कोरोना संकट के चलते देश का टूरिज्म सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इसमें एयरलाइंस, होटल, टूर ऑपरेटर, टूरिज्म डेस्टिनेशन रेस्टोरेंट, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टेशन, टूरिस्ट गाइड समेत पूरी टूरिज्म वैल्यू चेन शामिल है। ज्यादातर सेग्मेंट लंबे समय तक बंद रहे और कारोबार प्रभावित हुआ। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है महामारी से वैश्विक स्तर पर पर्यटन उद्योग को वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में 32,000 करोड़ डॉलर के निर्यात का नुकसान हुआ है। पर्यटन उद्योग में 12 करोड़ नौकरियां खतरे में हैं। भारत में भी रोजगार व राजस्व में पर्यटन क्षेत्र का योगदान 12 से 13 फीसदी के करीब है।
कोरोना ने उद्योगों की कमर तोड़ दी है लेकिन होटल और टूरिजम इंडस्ट्री पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है और लगातार बढ़ रहे संक्रमण से इस इंडस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। यही नहीं पर्यटन क्षेत्रों में नाच गाकर पर्यटकों को रिझाने वाले कलाकार भूखे मरने पर मजबूर हो गए है क्योंकि सरकार ने उनके लिए राहत की कोई व्यवस्था नहीं की है। जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से होटल और टूरिजम इंडस्ट्री को 1.58 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात भी सामने आ रही है। होटल और टूरिजम इंडस्ट्री देश को आर्थिक फायदा पहुंचाता है और कहा जाता है कि पूरे भारत में जितने भी लोग काम करने वाले हैं, उनका करीब 12.75 फीसदी हिस्सा होटल और टूरिजम इंडस्ट्री में लगा हुआ है।
वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिजम काउंसिल के मुताबिक भारत में फिलहाल ट्रेवल और टूरिजम सेक्टर में करीब 90 लाख नौकरियों पर ज्यादा खतरा है और अगर कोरोना संक्रमण आगे बढ़ा या फिर ट्रैवल पर किसी तरह की रोक लगी रही तो राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी बढ़ जाएगी। इसकी वजह ये है कि देश की वर्क फोर्स का करीब 12.75 फीसदी हिस्सा अकेले होटल और टूरिजम इंडस्ट्री में काम करता है। इसमें भी 5.56 फीसदी लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिला है, जबकि 7.19 फीसदी लोग अप्रत्यक्ष तौर पर इस धंधे से जुड़े हैं। पर्यटन मंत्रालय की 2019-20 की रिपोर्ट कहती है कि पर्यटन उद्योग ने 8 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को रोजगार दे रखा है।
भारत एक ऐसा देश जहां एक से बढ़कर एक प्राकृतिक परिदृश्य देखने को मिलते हैं। यहां आकर आप ऐसी घाटियों और गांवों की सैर कर सकते हैं जिसे अब तक ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया गया है। पर्यटन की दृष्टि से भारत विश्व का एक अजब गजब देश है जहाँ समुद्र से लेकर जंगल और बर्फ से लेकर रेगिस्तान तक देखने को मिल जायेंगे। हरे-भरे घास के मैदान और पथरीली जमीन भी आपको यहीं मिल जाएगी। पर्यटन की दृष्टि से भारत में घूमने लायक कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती से आपका मन मोह लेंगी। देश की शान ताजमहल, कश्मीर, कन्या कुमारी, गोवा, केरल, जयपुर, दिल्ली, दार्जीलिंग, उत्तराखंड का पहाड़ी क्षेत्र आदि मंत्रमुग्ध करने वाले स्थल इसी देश में है। इंडिया गेट, हुमायूँ का मकबरा, कुतुब मीनार, बुलंद दरवाजा, लाल किला आगरा, चारमीनार, गेटवे ऑफ इंडिया, लोटस टैंपल, खजुराहो, साँची, हम्पी, अजंता की गुफाएं, एलोरा की गुफाएं उदयगिरि गुफाएँ इलौरा आदि देश के पर्यटन क्षेत्र बरबस आपको अपनी और खिंच लेते है। विविधता और प्राकृतिक सुन्दरता से भारत पर्यटन के लिए हर किसी की पसंदीदा जगह हैं। देश के पहाड़ी क्षेत्र गर्मियों के रिसॉर्ट्स बने रहते हैं। इनमें पचमढ़ी, अरकु, गुलमर्ग, श्रीनगर, लद्दाख, दार्जिलिंग, मुन्नार, ऊटी और कोडाइकनाल, शिलांग, शिमला, कुल्लू, मसूरी, देहरादून नैनीताल, गंगटोक आदि प्रमुख है।

(लेखक वरिष्ठ स्तम्भकार एवं पत्रकार हैं)

 

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