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कमलनाथ ने लिया सभी मंत्रियों का इस्तीफा, समर्थक विधायकों के फोन बंद


भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का रुख देखते हुए सोमवार शाम आननफानन में कैबिनेट मीटिंग बुलाई। इस बैठक के दौरान सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया और इसे स्वीकार भी कर लिया गया।
दरअसल, सिंधिया खेमे के 17 विधायक बेंगलुरु पहुंच गए हैं। ऐसे में कमलनाथ सरकार की स्थिरता संकट में पड़ गई है। यही नहीं, कमलनाथ की मौजूदा राजनीतिक हालत को देखते हुए एमपी बीजेपी ने मंगलवार शाम 6 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है।
मध्यप्रदेश की राजनीति में चल रहे सियासी उथल-पुथल एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके समर्थक 27 विधायकों के मोबाइल फोन अचानक बंद होने के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार रात को अचानक कैबिनेट की बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह बैठक मुख्यमंत्री निवास पर सोमवार रात 10 बजे आहूत की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि कमलनाथ इस बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। बैठक बुलाने से ठीक पहले कमलनाथ ने यहां मुख्यमंत्री निवास पर पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह एवं अपने कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ भी एक आकस्मिक बैठक की। यह बैठक करीब दो घंटे चली। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है। हालांकि, इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई, अब तक इसका पता नहीं चल पाया है। मुख्यमंत्री ने यह बैठक मध्यप्रदेश के हालिया राजनीति घटनाक्रम और राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सोमवार दोपहर दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर भोपाल लौटने के तुरंत बाद की। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कमलनाथ अपना दिल्ली दौरा बीच में छोड़कर सोमवार देर शाम भोपाल आये। मध्यप्रदेश कांग्रेस के विभिन्न गुटों में चल रही कथित अंदरूनी लड़ाई एवं कमलनाथ नीत प्रदेश सरकार को कथित रूप से भाजपा द्वारा अस्थिर करने के आरोपों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनके समर्थक छह मंत्रियों सहित 27 विधायकों के मोबाइल फोन सोमवार शाम अचानक बंद हो गये। फिलहाल उनका कोई पता-ठिकाना नहीं है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सिंधिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने के लिहाज से ऐसा किया गया है। हालांकि, इस बारे में सिंधिया से मोबाइल फोन पर बार-बार संपर्क करने के प्रयास किये गये, लेकिन सफलता नहीं मिली। कमलनाथ के दिल्ली से लौटने से पहले ही सिंधिया एवं उनके समर्थक छह मंत्रियों सहित 27 विधायकों के मोबाइल फोन बंद हो गए। 

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