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दिवाली के बाद और बिगड़ी दिल्ली-NCR की हवा


दिवाली के  बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा और बिगड़ गई। आसमान में दिनभर धुंध के साथ बादल छाए रहे और वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 400 अंक रहा।सोमवार को यह 368 अंक था। उधर, मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि गुरुवार को हवा की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इससे प्रदूषक कण कम होंगे और प्रदूषण से राहत मिलेगी।
दिल्ली के 20 इलाकों की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंची
आतिशबाजी और पटाखे का धुआं मंगलवार को और खतरनाक हो गया। दिल्ली के बीस इलाकों में औसत वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली के आसमान पर स्मॉग की परत और गहरी हो गई है, जिसके चलते दृश्यता पर प्रभाव पड़ा है। इस स्थिति में गुरुवार से थोड़े सुधार की उम्मीद है।
दीपावली के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 337 के स्तर पर था। इसमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी, लेकिन रविवार रात आठ बजे के बाद जब पटाखे छूटने की शुरुआत हुई, प्रदूषण लगातार बढ़ता रहा। पटाखों के धुएं से दिल्ली के आसमान पर स्मॉग की परत छा गई है। हवा की रफ्तार कम होने से हवा में घुले-मिले प्रदूषक कणों का बिखराव नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को हवा की रफ्तार छह किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। इसके चलते प्रदूषक कण दिल्ली की हवा में जमे हुए हैं। वायु गुणवत्ता सोमवार से भी ज्यादा खराब हो गई है। सोमवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 368 के अंक पर था। मंगलवार को इसमें 22 अंकों का इजाफा हुआ है और यह 400 के अंक पर पहुंच गया है। इस तरह से अब यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ एक बिंदु नीचे है।
दिल्ली में चार गुना ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली के 34 निगरानी केन्द्रों में से 20 निगरानी केन्द्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शाम चार बजे दिल्ली की हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 की मात्रा 397 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 की मात्रा 248 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। पता हो कि मानकों के अनुसार, हवा में पीएम 10 की मात्रा 100 और पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस हिसाब से देखें तो हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य से चार गुना ज्यादा है।
हवा की रफ्तार बढ़ने से मिलेगी थोड़ी राहत
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान केन्द्र (आईआईटीएम) का अनुमान है कि बुधवार को भी हवा की रफ्तार दस किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रहने के आसार नहीं हैं। इसके चलते बुधवार को भी प्रदूषक कणों का बिखराव तेजी से नहीं हो पाएगा। प्रदूषण की परेशानी बनी रहेगी। गुरुवार को रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इससे प्रदूषक कणों का बिखराव तेज होगा और थोड़ी राहत मिलेगी।
दृश्यता प्रभावित
दिल्ली पर छाए स्मॉग के चलते दृश्यता का स्तर प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक पालम में दृश्यता का स्तर एक हजार मीटर के लगभग रहा, जबकि सामान्य दिनों में इसे ढाई से तीन हजार मीटर तक रहना चाहिए।
‘क्यार’ के चलते आसमान के ऊपरी स्तर पर बादल
अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान क्यार के चलते दिल्ली के आसमान के ऊपरी स्तर पर बादल छाए हुए हैं। हालांकि, यह बादल आसमान में छह किलोमीटर से ज्यादा ऊंचाई पर हैं और इनसे बारिश होने की उम्मीद नहीं है। लेकिन, ऊपरी स्तर के इन बादलों और सतह के एक किलोमीटर तक की ऊंचाई में फैले स्मॉग की परत ने सूरज को ढंक सा लिया है और दिन के ज्यादातर समय में धूप नदारत रही है। क्यार के असर से बुधवार को भी आसमान के ऊपरी स्तर में ऐसे ही बादल छाए रहने की उम्मीद है।
पिछले साल से प्रदूषण का स्तर कम
दिल्ली में भले ही प्रदूषण का स्तर बिगड़ता जा रहा है, लेकिन बीते वर्ष दीपावली के बाद से तुलना करें तो यह अभी भी कम है। पिछले साल दीपावली के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 281, उसके अगले दिन 390 और उसके अगले दिन 423 के स्तर पर था। जबकि, इस बार दीपावली के दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 337, उसके अगले दिन 368 और उसके अगले दिन 400 के स्तर पर है।
बीते चार दिनों में बिगड़ी हवाः
26 अक्तूबर     287
27 अक्तूबर        337
28 अक्तूबर        368
29 अक्तूबर        400
बीते साल दिवाली के बाद का हाल
06 नवंबर        338
07 नवंबर         281
08 नवंबर        390
09 नवंबर        423

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