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मोबाइल फोन वरदान या अभिशाप


मोबाइल फोन हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन कर सदा हमारे साथ रहता है। हमारे देश की जितनी आबादी है मोबाइल फोनों की संख्या उससे अधिक हो गई है। मोबाइल फोन के एक नहीं असंख्य लाभ हैं। एमरजेंसी में डाक्टर और पुलिस बुलाने, घर से बाहर होने पर परिवार या दफ्तर वालों से संपर्क रखने, किसी को तत्काल महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाने, किसी दुर्घटना का चित्र खींचने जैसे असंख्य लाभ है। हानि भी एक नहीं अनेक है। आप के लोकेशन का पत्ता किसी को भी नहीं होता। आप सहज ही झूठ बोल देते है की आप कहाँ है। मोबाइल फोन का इस्तेमाल नशे की हद तक बढ़ जाने के कारण ये अनेक दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने से सड़कों पर रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। मोबाइल पर आजकल अश्लील चित्र खींचना आम बात हो गयी है जिसके आधार पर किसी को भी ब्लैकमेल किया जा सकता है। दफ्तरों में सरकारी कामकाज अवरुद्ध हो रहा है क्योंकि आप मोबाइल पर बात करने या पबजी जैसे खेल में व्यस्त है। यह वरदान के साथ अभिशाप भी बन रहा है। 
प्रौद्योगिकी के इस युग में दुनिया बहुत विशाल गति के साथ आगे बढ़ रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संवर्धित वास्तविकता के माध्यम से तकनीकी क्रांति मनुष्य के लिए जीवन जीने के तरीके को बदल रही है, और इस क्रांति में मोबाइल फोन हमारे समाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मोबाइल फोन का बाजार कुछ वर्षों से तेजी से बढ़ रहा है और पिछले 5 वर्षों से स्मार्टफोन और अन्य मोबाइल फोन की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग भी बढ़ रहा है, यह न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हो रहा है। इंटरनेट कनेक्शन में रिलायंस जिओ के लॉन्च के बाद लोगों का मोबाइल ब्रॉडबैंड कनेक्शन के साथ जुड़ना आसान और तेज हो गया।
 सिस्को की रिपोर्ट के अनुसार 2022 तक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या दोगुनी होकर 83 करोड़ होने की उम्मीद है। आज मोबाइल फोन की मदद से लोग अपनी उंगलियों से कई काम कर सकते हैं, मोबाइल फोन अपने आप में एक अलग दुनिया है, आप दुनिया भर में दोस्तों परिवार या यहां तक कि नए दोस्त बना सकते हैं। कॉलिंग क्षमता, टेक्स्टिंग, वीडियो कॉल, चौट और इवेंट फुल सोशल मीडिया की बदौलत आप जब तक चाहें तब तक जुड़े रहेंगे। लेकिन कहीं न कहीं हम जीवन में अपनी खुशी खो रहे हैं, जीवन और प्रकृति से विचलित हो रहे हैं।आज 4 में से 3 परिवार के सदस्य मोबाइल से आदी हैं और उनका दिन मोबाइल से शुरू होता है और इसी के साथ गुजरता है। आज लोग परिवार में एक दूसरे के साथ समय बिताते तो है पर अजनबियों की तरह, लेकिन घर के एक कोने में बैठे हैं और हर कोई अपने फोन में व्यस्त है, आपको नहीं लगता कि हम अपने परिवार के साथ अपना लगाव खो रहे हैं। इससे बेहतर है कि आप अपना कीमती समय मोबाइल फोन के बजाय खुद के लिए समर्पित करें। मोबाइल फोन के लगातार नियमित उपयोग से आपकी आंखों में पीड़ा, अवसाद, कम नींद आदि रोग होने कि संभावनाएं होती है।
 विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक शोध के अनुसार, मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग मस्तिष्क कैंसर के लिए जिम्मेदार है। इसके विकिरणों के प्रभाव के कारण, मस्तिष्क में एक ट्यूमर हो सकता है। हमें यह एहसास होना जरूरी है कि टेक्नोलॉजी की मदद से  हम जितनी सुविधाएं लेते हैं वहा तक तो ठीक है किन्तु उसका अत्यधिक दुरुपयोग करके अपने मूल्यवान समय को खराब ना करे और अपने जीवन से दूरी ना बनाए।
यह सच है कि स्मार्टफोन का समाज और जीवन के अन्य पहलुओं पर बहुत प्रभाव पड़ता है।  स्मार्टफोन ने मानव जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है।  प्रमुख क्षेत्रों, जहां स्मार्टफोन के प्रभाव स्पष्ट हैं, उनमें व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन शामिल हैं।  मोबाइल प्रौद्योगिकी ने सांस्कृतिक मानदंडों और व्यक्तिगत व्यवहारों में काफी बदलाव किया है।  प्रभाव सकारात्मक पक्ष पर और नकारात्मक पक्ष पर भी दोनों हैं।  ऐसे कई तरीके हैं जो उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन का स्मार्ट तरीके से उपयोग करने के बारे में शिक्षित करके स्मार्टफोन उपयोग के नकारात्मक प्रभाव को नियंत्रित और कम करने में मदद कर सकते हैं।  स्मार्टफोन आज केवल एक पॉकेट-आकार का पीसी है लेकिन डिवाइस में असीम क्षमता है!

हर्ष शर्मा 
कोलकत्ता 
मो  91  98741 87193

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