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'लोकतंत्र की हत्या': अमित शाह के रोड शो में हिंसा को लेकर BJP का ममता बनर्जी पर वार


भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अमित शाह के रोडशो के दौरान कोलकाता में हुई हिंसा को लेकर चुनाव आयोग से तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है। बीजेपी ने आयोग से कहा है कि ममता बनर्जी ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं को उकसाने का काम किया है। वहीं टीएमसी ने हिंसा का आरोपी बीजेपी समर्थकों पर लगाया है। ममता बनर्जी ने कोलकता के विद्यासागर कॉलेज के दौरान संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि अमित शाह खुद के बारे में क्या सोचते हैं? क्या वह हर चीज से ऊपर है? क्या वह भगवान है जिसका कोई विरोध नहीं कर सकता है? 
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों जैसे कि महाराष्ट्र के देवेंद्र फड़नवीस और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। फडणवीस ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि यह लोकतंत्र की हत्या है, जिस तरह से अमित शाह के रोड शो पर हमला किया गया था और पुलिस ने जवाब दिया था, मुझे लगता है कि ममता बनर्जी लोकतंत्र से हत्या करना चाहती हैं। वहीं योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ममता बनर्जी के तहत हिंसा पश्चिम बंगाल में अराजकता का प्रतिबिंब थी।
न्यूज एजेंसी के अनुसार, झड़प की शुरुआत शाह के रोडशो के दौरान ट्रक पर डंडे फेंके जाने से हुई। उनके काफिले पर कॉलेज के एक छात्रावास से पथराव भी किया गया जिसके बाद भाजपा समर्थक भड़क गये। उन्होंने भी यूनिवर्सिटी के मुख्यद्वार पर पत्थर और बोतलें फेंकी। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा। विद्यासागर कॉलेज के छात्रावास के बाहर खड़ी तीन मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया। कॉलेज में स्थापित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा भी तोड़ दी गयी। 
जी.वी.एल.नरसिम्हा राव सहित भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मिला और उनसे शाह के रोडशो के दौरान कोलकाता में हुई हिंसा को लेकर ममता के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाने की मांग की। 
चुनाव आयोग के मुलाकात के बाद सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा, “सिर्फ एक चरण का चुनाव बचा है। हमारी मांग है कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उत्तेजक भाषणों को देखते हुए उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाये। वह उत्तेजक रही हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि “इंच-इंच का बदला लेंगे। आज हमने देखा कि कोलकाता में तृणमूल कार्यकतार्ओं ने उत्पात मचाया। हमारी पाटीर् के अध्यक्ष पर पत्थर फेंके गये।”
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा, “क्या बंगाल पर अपराधियों की सरकार ने कब्जा कर लिया है? तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा अमित शाह की शांतिपूर्ण रैली पर हमला निंदनीय है। क्या बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान संभव है? सभी की निगाहें अब चुनाव आयोग पर टिकी हैं।”
उधर, शाह ने कहा कि वह स्वामी विवेकानंद के घर नहीं जा पाये क्योंकि कोलकाता पुलिस ने उन्हें गुमराह किया।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके काफिले को गुमराह किया जिसके कारण वह उत्तर कोलकाता के शिमला स्ट्रीट स्थित स्वामीजी के पैतृक घर नहीं जा सके और उनके श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि 'तृणमूल के गुंडों' ने दो जगहों कलकत्ता विश्वविद्यालय के पास  कॉलेज स्ट्रीट पर और बिधान सरानी पर विद्यासागर कॉलेज छात्रावास के पास हमारे रोडशो पर हमला किया। 

उल्लेखनीय है कि शाह लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में रविवार को होने वाले मतदान के लिए पार्टी उम्मीदवारों समर्थन में प्रचार करने के लिए कोलकाता में हैं और उन्होंने मंगलवार को यहां एक रोडशो किया। उनके रोडशो के दौरान जमकर हंगामा हुआ। शाह के रोडशो के दौरान विश्वविद्यालय के दरवाजे के सामने और विद्यासागर कॉलेज के हॉस्टल के सामने तृणमूल तथा भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हयीं। इस दौरान तीन मोटरसाइकिलों में आग लगा दी गई और कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ की गयी।

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