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मोदी 30 मई को ले सकते हैं शपथ, एनडीए की बैठक में आज सांसद चुनेंगे अपना नेता


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। शुक्रवार को मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सोलहवीं लोकसभा को भंग करने की सिफारिश की गई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपने पूरे मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंप दिया।
राष्ट्रपति ने इस्तीफा मंजूर करते हुए नई सरकार के गठन तक मोदी को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने को कहा है। वहीं, एनडीए शनिवार को अपना नेता चुनेगा। इसके लिए एनडीए के सांसदों की बैठक संसद के केंद्रीय कक्ष में बुलाई गई है। इसके बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति से मिलने के बाद मोदी ने ट्वीट कर कहा, इस कार्यकाल का सूर्य अस्त हो गया, लेकिन हमारे काम की रोशनी लाखों लोगों की जिंदगी में उजाला बिखेरती रहेगी। नए सूर्योदय का इंतजार है।
एनडीए की बैठक आज, प्रधानमंत्री मोदी संसद चुनेंगे अपना नेता
भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नवनिर्वाचित सांसदों की शनिवार को बैठक होने जा रही है जिसमें वे औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना नेता चुनेंगे। इसके साथ ही सरकार के गठन की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। 
भाजपा सूत्रों ने बताया कि यह बैठक संसद के केंद्रीय कक्ष में शाम 5 बजे होगी । इससे पहले उनकी भाजपा सांसदों के साथ बैठक होगी। समझा जाता है कि मोदी सांसदों को संबोधित भी कर सकते हैं। 
नरेन्द्र मोदी को पहले ही राजग का नेता घोषित किया जा चुका है, ऐसे में इस बैठक को एक तरह से औपचारिकता माना जा रहा है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा 302 सीटें जीत चुकी है और राजग गठगबंधन को 350 सीटें हासिल हुई है। 
आडवाणी-जोशी का पैर छू आर्शीवाद लिया : 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत के एक दिन बाद लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात की। मोदी ने दोनों नेताओं का पैर छूकर आर्शीवाद लिया। इसके बाद मोदी ने ट्वीट कर कहा, आडवाणी जी से मुलाकात की। भाजपा की सफलता आज इसलिए संभव हो पाई क्योंकि उनके जैसे महान नेताओं ने पार्टी निर्माण में दशकों बिताए और लोगों को नई विचारधारा दी। जोशी से मुलाकात के बाद मोदी ने ट्वीट कर कहा, डॉ. मुरली मनोहर जोशी एक विद्वान और बुद्धिजीवी हैं। भारतीय शिक्षा में सुधार की दिशा में उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने भाजपा को मजबूत करने के लिए हमेशा काम किया और मेरे समेत कई कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
 क्या होती है सरकार गठन की प्रक्रिया
- केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक कर मौजूदा लोकसभा को भंग करने की सिफारिश का प्रस्ताव पारित करता है
- इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से मुलाकात कर प्रस्ताव तथा मंत्रिपरिषद का इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपेंते हैं
- उसके बाद प्रधानमंत्री को नई सरकार के गठन तक पद पर बने रहने को कहा जाता है
- इसके बाद नए सदन के गठन की प्रक्रिया के लिए तीन चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति को नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपेंगे
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