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दर्दनाक: पूरे परिवार की हत्या करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नींद की गोली देकर रेता बच्चों का गला


उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम के ज्ञान खंड-4 में रविवार को एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने व्हाट्सअप ग्रुप पर अपने रिश्तेदारों को हत्या की सूचना दी और शवों का वीडियो भी डाल दिया। ग्रुप पर उसने खुद भी आत्महत्या करने की बात कही थी। ग्रुप पर वीडियो देख जब वसुंधरा में रहने वाला उसका साला पंकज फ्लैट पर पहुंचा तो शव अंदर ही पड़े थे। लेकिन इंजीनियर लापता है। पुलिस के अनुसार बच्चों का चाकू से गला रेता गया है जबकि महिला के पेट और छाती पर चाकू से कई वार किए गए हैं। सुमित सिंह मूलत: झारखंड के टाटानगर का निवासी है। वह इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-4 में पत्नी आशु बाला और तीन बच्चों, सात साल के प्रथम तथा चार साल की आकृति और आरव के साथ रहता था। आशु निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। बताया जा रहा है सुमित बेंगलुरु में नौकरी करता था और दिसंबर में नौकरी छूटने के बाद से बेरोजगार है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुमित अपने पूरे परिवार की हत्या करने के बाद शवों के साथ कई घंटे फ्लैट में रहा। हत्या की सूचना मिलने के बाद से ही उसका मोबाइल बंद जा रहा है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में उसकी तलाश कर रही है। सुमित के साले पंकज ने देर रात इंदिरापुरम थाने में अपने बहनोई पर बहन और तीन बच्चों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी।
व्हाट्सएप पर भेजे संदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुमित ने खुद बताया कि उसने शनिवार रात पत्नी और तीनों बच्चों को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाईं। जब सब बेसुध हो गए तो इसके बाद देर रात में ही उसने चाकू से हमला कर सबकी हत्या कर दी। बीते साल अक्तूबर तक सुमित गुरुग्राम की आईटी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर था। उसके बाद सुमित ने बंगलुरू की आईटी कंपनी में नौकरी कर शुरू कर दी। लेकिन जनवरी में उसने नौकरी छोड़ दी। परिजनों का कहना है कि तीन-चार महीने से वह बेरोजगार था।
मीनापुर में संतान नहीं होने पर महिला को जिंदा जलाया
परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, सुमित की पत्नी आशुबाला बिहार के छपरा की रहने वाली थीं। उनके पिता वैद्यनाथ और भाई पंकज परिवार के साथ वसुंधरा सेक्टर-15 में रहते हैं। आशुबाला इंदिरापुरम के मदर्स प्राइड स्कूल में शिक्षिका थीं। उनका बड़ा पुत्र प्रथम उनके ही स्कूल में पढ़ता था, जबकि आकृति और आरव इंदिरापुरम के रिवेरा स्कूल में पढ़ते थे। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार मिलनसार था। आशुबाला का व्यवहार पड़ोसियों से अच्छा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही समय पता चलेगा
अभी पुलिस या परिजनों को हत्या का सही समय पता नहीं है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत का सही समय पता चलेगा। आरोपी ने परिवार के सदस्यों को नींद की गोलियां दी या नहीं इसका भी पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।
आर्थिक तंगी की वजह से हत्या करने की आशंका जताई
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में परिजनों से बातचीत के आधार पर हत्या की शुरुआती वजह आर्थिक तंगी लग रही है। सुमित की नौकरी गए करीब चार महीने हो गए। इसलिए पति-पत्नी में रुपयों को लेकर झगड़ा हो सकता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हत्या की सही वजह का पता चल सकेगा।
गार्डने बताया, सुबह तीन बजे घर छोड़कर गया था आरोपी
ज्ञानखंड-4 की जिस सोसाइटी में सुमित का फ्लैट है उसके गार्ड इंद्रजीत ने बताया कि सुबह तीन बजे सुमित घर से बाहर यह कहकर गए थे कि वह थोड़ी देर में आ रहे हैं। किस काम से गए इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। गार्ड का कहना है कि सुमित के चेहरे से यह आभास नहीं हुआ कि उसने चार हत्याएं की हैं। वह बस इतना बोलकर चले गए। रविवार को परिवार के किसी सदस्य को पड़ोसियों ने नहीं देखा। शनिवार शाम को आशुबाला को पुत्र प्रथम के साथ बाहर देखा गया था। सुमित भी अक्सर बच्चों के साथ बाहर खेलता था। सुमित ने व्हाटसअप ग्रुप पर जब हत्या की जानकारी दी तो परिजन सन्न रह गए। .
सबसे पहले बहन ने देखा था धिनौना वीडियो
परिजनों का कहना है कि परिवार के व्हाटसअप ग्रुप पर सुमित द्वारा डाले गए वीडियो को उसकी बहन गुड्डी ने देखा। इसके बाद गुड्डी ने सुमित के साले को घटना की जानकारी दी और तत्काल घर पर जाने को कहा।

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