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न्यूजीलैंड के बंदूक कानून में होगा बदलाव, ऑटोमैटिक रायफलों पर लगेगा बैन


क्राइस्टचर्च आतंकी हमले में 49 लोगों के मारे जाने के बाद न्यूजीलैंड अपने बंदूक कानून में बदलाव करने को तैयार है। अटॉर्नी-जनरल डेविड पार्कर ने शनिवार को एक सतर्कता समूह से मुलाकात के दौरान कहा कि देश अर्ध स्वचालित (सेमी-ऑटोमैटिक) रायफलों पर प्रतिबंध लगाएगा। स्थानीय अखबार ‘न्यूजीलैंड हेराल्ड’ के अनुसार, पार्कर ने ऑकलैंड के एओटा स्क्वायर में एक सतर्कता समूह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चरमपंथ के वैश्विक उदय के प्रति आगाह करते हुए कहा, 'दुनिया के कई हिस्सों में आत्मज्ञान की कमी है। हमलावरों का इस नृशंस घटना को फिल्माना और सोशल मीडिया पर इसका सीधा प्रसारण करना कैसे सही हो सकता है।'
प्रधानमंत्री ने कहा- न्यूजीलैंड के बंदूक कानून में किया जाएगा जरूरी बदलाव
उन्होंने कहा, 'इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?' पार्कर का यह बयान ऐसे समय आया, जिससे कुछ ही मिनट पहले न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने क्राइस्टचर्च में इस्लामी समुदाय के साथ मुलाकात के दौरान बंदूक कानूनों में बदलाव की घोषणा की। जैसिंडा ने कहा, 'अब बदलाव का समय है। न्यूजीलैंड का बंदूक कानून बदला जाएगा। क्राइस्टचर्च में हमले को अंजाम देने वाले ने नवंबर 2017 में श्रेणी ए के बंदूक लाइसेंस हासिल कर हमले के लिए हथियार खरीदने शुरू किए थे। इसको देखते हुए मैं बंदूक कानूनों में बदलाव करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।'
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में जुम्मे की नमाज के दौरान हमले का शिकार हुई एक मस्जिद के इमाम ने शनिवार को कहा कि यह नरसंहार न्यूजीलैंड के प्रति मुस्लिम समुदाय के प्रेम को डिगा नहीं पाएगा। लिनवुड मस्जिद के इमाम इब्राहिम अब्दुल हलीम ने कहा, 'न्यूजीलैंड के तमाम मुसलमान न्यूजीलैंड को अब भी अपना घर मानते हैं। हम अब भी इस देश से प्रेम करते हैं। हमारे बच्चे यहां रहते हैं। हम यहां खुश हैं। चरमपंथी हमारे विश्वास को भी छू नहीं पाएंगे।  न्यूजीलैंड के अधिकतर लोग हमारी मदद करने और एकजुटता बनाए रखने के इच्छुक हैं। हमले के बाद अजनबियों ने भी हमें गले लगाया। यह एकजुटता बहुत महत्वपूर्ण है।'
क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में मस्जिदों की सुरक्षा बढ़ाई गई
क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया ने देश में बड़े कार्यक्रमों और मस्जिदों में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात करना शुरू कर दिया है। क्राइस्टचर्च हमले का आरोप ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ब्रेंटन टैरंट पर है। विक्टोरिया में फॉर्मूला वन ग्रां प्री के आयोजन और मस्जिदों में इस रविवार को सामुदायिक कार्यक्रमों के कारण उसे हाई अलर्ट पर रखा गया है। विक्टोरिया पुलिस के अनुसार, इस सप्ताहांत पहले से अधिक पुलिसकर्मी तैनात होंगे। ऑस्ट्रेलियन नेशनल इमाम काउंसिल के प्रवक्ता बिलाल राउफ ने कहा कि क्राइस्टचर्च नरसंहार के जैसा हमला ऑस्ट्रेलिया में भी हो सकता है। यह मुस्लिमों को निशाना बनाने का आतंकवाद का सोचा समझा कृत्य था।

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