Header Ads

नीतीश कुमार ने एक ही मंच से बीजेपी और आरजेडी को दिया संदेश - Nitish Message

बिहार में सीटों के बंटवारे के लिए बीजेपी प्रेजिडेंट अमित शाह के साथ 12 जुलाई को होने वाली मीटिंग से पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक साथ कई संकेत और संदेश दे दिए हैं। रविवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में नीतीश कुमार ने अपने तेवर सख्त किए। नीतीश कुमार ने कहा कि 2014 का आम चुनाव पार्टी का सबसे खराब समय था और तब भी पार्टी ने 17 फीसदी वोट हासिल किए थे। ऐसे में कोई भी राजनीतिक दल जेडीयू को न इग्नोर कर सकता है न ही मिटाने की सोच सकता है। नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन के बारे में कहा कि अभी सीट का ऑफर नहीं मिला है। जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी हित में कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत करने के संबंध में प्रस्ताव पास किया गया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अगले हफ्ते बिहार दौरे पर जाने वाले हैं। इस दौरान वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान शाह बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं की मुलाकात में सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लग सकती है।

नीतीश कुमार ने आरजेडी और बीजेपी दोनों नेताओं को संकेत देते हुए कहा कि वह 3 सी-क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से कभी समझौता नहीं करेंगे। भले उसके लिए सरकार चली जाए। बीजेपी के साथ संबंध पर नीतीश कुमार ने कहा कि बिना मुद्दे के वह किसी के लिए समस्या पैदा नहीं करेंगे।
नीतीश कुमार ने राहुल गांधी और लालू प्रसाद पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जब वह महागठबंधन में थे तब उन्होंने लालू प्रसाद परिवार पर लगे आरोपों पर स्टैंड साफ करने को कई बार बोला, लेकिन न आरजेडी और न कांग्रेस ने उनकी बात सुनी। ऐसे में उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था। मीटिंग के बाद प्रेस से बात करते हुए पार्टी नेता केसी त्यागी ने कांग्रेस के साथ दोबारा गठबंधन की संभावना पर कहा कि जब तक कांग्रेस लालू प्रसाद परिवार के करप्शन पर स्टैंड साफ नहीं करती है तक आगे का संवाद कठिन है।
जेडीयू ने एक प्रस्ताव पास कर एक साथ चुनाव कराने के बीजेपी की पहल को सशर्त समर्थन देने की बात कही। वहीं असम में विवादित नागरिकता कानून का विरोध करने से संबंधित प्रस्ताव को पास किया। साथ ही जेडीयू ने साल के अंत में राजस्थान,मध्य प्रदेश सहित दूसरे राज्य में विस्तारवादी कार्यक्रम के तहत अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया।
गठबंधन पर भले ही सहमति की बात दिख रही हो, लेकिन बीजेपी और जेडीयू के बीच दूसरे मुद्दों पर विवाद थमता नहीं दिख रहा है। जेडीयू नेताओं ने केंद्रीय मंत्री और बिहार से बीजेपी नेता गिरिराज सिंह के बयान पर आपत्ति जताई है तो बीजेपी नेता उनके सपॉर्ट में आ गए हैं। गिरिराज सिंह ने कहा था कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में हिंदुओं को दबाया गया और उनकी उपेक्षा की गई है। रविवार को बिहार से बीजेपी एमपी गोपाल नारायण सिंह ने गिरिराज सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार में राजनीति के कारण हिंदुओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। 

No comments